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देश की पहली प्राइवेट ट्रेन होगी ‘तेजस एक्सप्रेस’

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भारतीय रेलवे (Indian Railway) के इतिहास में पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा किसी ट्रेन का संचालन किया जाएगा। दरअसल 5 जुलाई को देश का आम बजट पेश किया गया था। इस बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगले 10 सालों में रेलवे के विकास और विस्तार के लिए 50 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता है। इतनी बड़ी राशि को जुटाने और निवेश के लिए अब भारत सरकार निजी निवेशकों को आमंत्रित कर रही है। इसके लिए अब दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) देश की पहली प्राइवेट ट्रेन होगी जिसका संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा।

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सिर्फ इसी रुट पर नहीं बल्कि एक अन्य रुट पर भी प्राइवेट ट्रेन चलने की तैयारी भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा की जा रही है। जिस दूसरे रुट पर प्राइवेट ट्रेन का संचालन किया जाएगा उसकी दूरी भी लगभग 500 किमी के आस-पास होगी। मिली जानकारी के अनुसार इस इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने के लिए विचारों का मंथन शुरू हो चुका है। विचार-विमर्श के बाद बेहद जल्द आईआरसीटीसी (IRCTC) इस बारे में अपना फैसला लेगा।

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गौरतलब है कि दिल्ली-लखनऊ रुट पर तेजस के संचालन की घोषणा साल 2016 में की गई थी। हालांकि अब तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) की समय तालिका में परिवर्तन किया गया है। मौजूदा समय में तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) उत्तर प्रदेश के आनंद नगर रेलवे यार्ड में रखी हुई है। अभी इस ट्रेन के लिए सभी निजी कंपनियां बोली लगा रही हैं।

बोली प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद यह ट्रेन सर्वाधिक बोली लगाने वाली प्राइवेट कंपनी को दे दी जाएगी। जानकारी सामने आई है कि IRCTC मात्र 3 माह के भीतर ही इस प्राइवेट ट्रेन का संचालन शुरू करना चाहता है। इसके बाद दूसरे रुट के लिए प्राइवेट ट्रेन के संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी लखनऊ और दिल्ली के बीच 53 ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन इन ट्रेनों में एक भी राजधानी एक्सप्रेस नहीं है। इस रूट की सबसे फ़ास्ट ट्रेन स्वर्ण शताब्दी है, जो इन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी को साढ़े 6 घंटे में पूरा करती है।

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