भारतीय खाद्य सुरक्षा ने नमक को घोषित किया सुरक्षित

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नमक को लेकर तमाम तरह के सुरक्षा जोखिमों को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Fssai Report Said Salt Is Not Harmful ) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में प्रमख ब्रांड्स के नमक को लेकर कहा गया था कि इनमें पोटैशियम फेरोसाइनाइड का स्तर बहुत ज्यादा होता है जो हमारी सेहत के लिए बेहद ही खतरनाक होता है।

इस बात को FSSAI ने खारिज कर दिया है। इसे लेकर FSSAI ने एक ट्वीट किया और लिखा, ‘नमक की प्रोसेसिंग में फेरोसाइनाइड का इस्तेमाल एंटी केकिंग एजेंट्स के रूप में किया जाता है और यह खाने के नजरिए से सुरक्षित है।’

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FSSAI की तरफ से नमक को पूरी तरह से सुरक्षित बताया गया (Fssai Report Said Salt Is Not Harmful ) है। मतलब नमक से किसी की भी सेहत को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता। इससे पहले देश में यह चर्चा चली थी कि नमक के इस्तेमाल से कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है।

कई तरह के शोध से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि नमक में आयोडीन और पोटैशियम फेरोसाइनाइड होने की वजह से यह सेहत के लिए नुकसानदायक होता है और इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। लेकिन इन सभी ख़बरों का FSSAI और IMA द्वारा खंडन कर दिया गया है।

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जो टेस्ट रिपोर्ट्स (Fssai Report Said Salt Is Not Harmful ) सामने आई हैं उसमें इन तत्वों की मात्रा FSSAI द्वारा निर्धारित 10 मिलीग्राम प्रति किलो की सीमा के दायरे में ही मिली है। यह मात्रा अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानक कोडेक्स (Codex) की सीमा से काफी कम है। कोडेक्स ने जो मात्रा निर्धारित की है वह 14 मिलीग्राम प्रति किलो है।

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एंटी केकिंग एजेंट से तात्पर्य उस पदार्थ से है जो नमक को ढेला बनने से बचाता है। FSSAI के अलावा IMA ने भी इसे लेकर एक ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में IMA ने लिखा कि वह FSSAI के बयान का समर्थन करता है।

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