website counter widget

मोदी मनी लांड्रिंग केस में अधिकारियों ने स्विस बैंक से मांगी जानकारी

0

नई दिल्‍ली: भारत में इन दिनों विदेशों में जमा काला धन को लेकर कार्यवाई बड़ी तेजी से हो रही है। इस बार भारतीय अधिकारियों के द्वारा स्विट्जरलैंड (Switzerland) से क्रिकेट टूर्नामेंट आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललिल मोदी (Lalit modi) और उनकी पत्नी मीनल के स्विस बैंक(Swiss bank) खातों की जानकारी के लिए अनुरोध किया गया है। भारत ने कर संबंधी मामलों में सहयोग की द्विपक्षीय संधि के तहत ऐसे ममालों में स्विट्जरलैंड से सहयोग का अनुरोध किया है।

महात्मा गांधी की जयंती पर राजनीति में घमासान

जानकारी के अनुसार ललित मोदी 2010 में भारत से लंदन चले गए थे। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला चल रहा है, जिसपर उनका कहना है कि उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की है। समझने वाली बात यह है कि ललित मोदी और उनकी पत्नी के खिलाफ 2016 में भी ऐसे ही नोटिस जारी किए गए थे। पर यह नहीं पता चल सका है कि उसके बाद इन दोनों के खातों के बारे में भारत को जानकारी उपलब्ध कराई गई थी या नहीं।
स्विट्जरलैंड के संघीय कर विभाग ने ललित मोदी और उनकी पत्नी मीनल मोदी के अलावा कुछ अन्य इकाइयों के बारे में मांगी गई जानकारी देने से पहले अपने देश के नियमों के तहत संघीय राजपत्र में उनके नाम के नोटिस जारी किए हैं। सूचना शेयर करने से पहले इन इकाइयों को नोटिस जारी कर अपनी बात रखने का अवसर प्रदान दिया जाता है।

पाकिस्तान पर भारी भारत की सऊदी सियासत

अभी कुछ महीनों में भारत के अनुरोध पर कई इकाइयों के बारे में स्विट्जरलैंड FTA ने कानून के तहत उनके बारे में भारत को सूचनाएं उपलब्ध कराई गई थी. भारतीय आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी कई केंद्रीय एजेंसियां इन मामलों में कार्रवाई कर रही हैं.
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच स्वचालित सूचना विनिमय प्रणाली (AEOI) की शुरुआत भी हो चुकी है. इसके तरह भारतीय टैक्स एजेंसियों को स्विस बैंक में भारतीयों के खातों की पूरी जानकारी मिलती रहे. इसमें वे खाते भी हैं, जो साल 2018 में बंद हो चुके हैं. AEOI विदेशों में कालेधन का पता करने में भारत का बड़ा हथियार है.

गिरिराज ने कांग्रेसियों को दी राहुल की परिक्रमा करने की सलाह

-Mradul tripathi

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.