मगहर में पीएम ने कहा कुछ ऐसा कि..

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नेता, मंत्री या फिर उच्च पद पर आसीन कोई व्यक्ति अक्सर ऐसा कुछ कह जाते हैं कि बाद में वे अपनी कही बातों से ही सवालों के घेरे में आ जाते हैं| ऐसा ही कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी हुआ| अपने संबोधन के दौरान मोदीजी इतिहास के ऐसे तथ्य सामने लेकर आए कि उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं|

दरअसल, गुरुवार को प्रधानमंत्री उत्तरप्रदेश के मगहर पहुंचे थे, जहां उनसे चूक हो गई| वहां पहुंचने के बाद सबसे पहले पीएम ने कबीर को फूल अर्पित किए और उनकी समाधि पर चादर भी चढ़ाई| इसके बाद उन्होंने जनता को संबोधित किया|

प्रधानमंत्री ने संबोधन में कहा, “समाज को सदियों से दिशा दे रहे मार्गदर्शक, समभाव और समरसता के प्रतिबिम्ब महात्मा कबीर को उनकी ही निर्वाण भूमि से एक बार फिर मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं| ऐसा कहते हैं कि यहीं पर संत कबीर, गुरु नानकदेव और बाबा गोरखनाथ ने एक साथ बैठकर आध्यात्मिक चर्चा की थी|”

गौरतलब है कि मोदीजी ने जिन तीन महापुरुषों के बारे में कहा कि उन्होंने एक साथ बैठकर चर्चा की जबकि उन महापुरुषों का जन्म अलग काल में हुआ था| बाबा गोरखनाथ ने नाथ संप्रदाय की स्थापना की थी, जिनका जन्म संत कबीर और गुरुनानक से बहुत पहले का है| बाबा गोरखनाथ का जन्म 11वीं शताब्दी में वहीं संत कबीर का जन्म 14वीं शताब्दी के अंत में हुआ था तथा गुरुनानक का जन्म 15वीं से 16वीं शताब्दी के बीच हुआ था|

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