सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

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विपक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए एकजुट हो गया है| महाभियोग के प्रस्ताव पर अभी तक 60 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, वहीं इस प्रस्ताव पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने हस्ताक्षर नहीं किए|

बताया जा रहा है कि सीजेआई के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर 7 दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए| कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य नेताओं ने यह प्रस्ताव उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को सौंप दिया|

उपराष्ट्रपति को प्रस्ताव सौंपने के बाद विपक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करवाया और प्रस्ताव को 71 सांसदों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया है| आजाद बोले कि चीफ जस्टिस को हटाने के 5 कारण हैं, जो प्रस्ताव में बताए गए हैं| कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी मामले पर कहा, “संविधान के अंतर्गत कोई जज यदि  गलत व्यवहार करते हैं तो उन्हें हटाया जा सकता है|”

उन्होंने आगे कहा, “जब से चीफ जस्टिस ने पद संभाला है, तब से लेकर अब तक उनके काम के तरीके पर सवाल उठे हैं| लोकतंत्र में न्यायपालिका बेहद अहम है, लेकिन सीजेआई ने पद का गलत इस्तेमाल किया| न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है और सीजेआई के खिलाफ 4 जज सामने आए, चीफ जस्टिस को इन 4 जजों की भावनाएं समझनी थी, लेकिन तीन महीने में कुछ नहीं बदला|”

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