राम मंदिर नहीं बना तो कर लूंगा आत्मदाह

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नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की नई सरकार बनते है कई चुनौतियां भी सामने आ गई है। बेरोजगारी, महंगाई के साथ ही मोदी सरकार (Modi Sarkar 2) को इस बार राम मंदिर (Ram Janmabhoomi)  के निर्माण पर भी विचार करना होगा। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की सरकार बनते ही अयोध्या (Swami Paramhans Das Do self Destruction) में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण को लेकर संतों की मांग उठनी तेज हो गई है।

पहले जहाँ आरएसएस (Rashtriya Swayamsevak Sangh) से जुड़े कई नेता राम मंदिर के निर्माण के बारे में बोल चुके हैं वहीँ अब एक संत में धमकी दी है कि यदि मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो वे आत्मदाह कर लेंगे।

‘JDU एडजस्ट नहीं करती’

 

जानकरी के अनुसार, संत समाज राम मंदिर के लिए अपने प्राणों की बलि देने को तैयार है। अयोध्या में कई संत राम मंदिर के निर्माण के लिए यज्ञ कर रहे हैं। यज्ञ में रामलला मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्वामी परमहंस दास ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मोदी सरकार पंचवर्षीय कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण नहीं किया तो वह पीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे (Swami Paramhans Das Do self Destruction)। उन्होंने यह भी कहा कि यह मजाक नहीं है। अब यदि मंदिर नहीं बना तो सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।

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संतों का समागम

अयोध्या में तीन जून को राम मंदिर को लेकर संतों, विहिप व संघ की संयुक्त बैठक होने वाली है। इसके बारे में बताया जा रहा है कि सभी संत मिलकर पीएम के सामने मंदिर निर्माण की मांग करेंगे। संत परमहंस दास ने आगे कहा कि मोदी पार्ट-2 सरकार के काम की शुरुवात ही राम मंदिर से हो। राम मंदिर के लिए आज संतों ने छावनी मंदिर के बाहर राम मंदिर निर्माण के लिए यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें रामलला के मुख्यपूजारी आचार्य सतेंद्र दास के सानिध्य में कई बड़े फैसले लिए गए। यज्ञ के माध्यम से मोदी सरकार को राम मंदिर निर्माण की याद दिलाई जा रही है। मोदी सरकार से राम मंदिर निर्माण की आशा है और यज्ञ के माध्यम से जो बाधा है, उसे दूर करने की प्रभु से प्रार्थना की गई है।

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