2 साल बाद फिर क्यों मिले रामरहीम, हनीप्रीत से

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साध्वियों से बलात्कार के मामले में जेल की हवा खा रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) से सोमवार को मुलाक़ात करने उनकी कथित बेटी हनीप्रीत पहुंची। जी हां राम रहीम की वही मुंहबोली बेटी जिसे ‘बाबा की बेबी’ नाम दिया गया था। राम रहीम और हनीप्रीत की मुलाक़ात तकरीबन 45 मिनट तक चली। गैरतलब है कि राम रहीम के जेल जाने के बाद हनीप्रीत के साथ उनकी यह पहली मुलाक़ात है। साध्वियों के साथ बलात्कार करने के मामले में गुरमीत राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा एक पत्रकार रामचंद्र प्रजापति की हत्या के आरोप में राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा मिली है।

गुरमीत राम रहीम नहीं आएगा जेल से बाहर

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और अपने मुंहबोले पिता गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) से मिलने के लिए हनीप्रीत ने सरकार को पत्र लिख अनुमति मांगी थी। हनीप्रीत के पत्र का सरकार की तरफ से सकारात्मक जवाब आने के बाद हनीप्रीत ने राम रहीम से मुलाक़ात की। हनीप्रीत के खत के बाद राज्य गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, “सभी लोगों को दोषियों से मुलाकात करने का बराबर अधिकार है और कानून किसी को उस व्यक्ति से मिलने से नहीं रोकता।” इसके बाद हनीप्रीत में बाबा राम रहीम से मुलाकात की।

Today Cartoon : खेत पर महिलाएं सावधान: राम रहीम आ रहे है

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

Honeypreet Met Gurmeet Ram Rahim After 2 Years In Jail

गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) ने अपने आश्रम के मुख्यालय में खेतों की देखभाल का हवाला देते हुए 42 दिनों के पैरोल मांगी थी। हालांकि उसकी पैरोल की मांग को खारज कर दिया गया था। दरअसल राम रहीम की रिहाई से पैदा होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे पैरोल देने से इंकार कर दिया गया था। वहीं हनीप्रीत को भी हिंसा के मामले में सजा सुनाई गई थी। लेकिन पंचकूला की एक अदालत से हनीप्रीत को हिंसा के इस मामले में जमानत मिल गई। जमानत मिलने से पहले निचली अदालत द्वारा हनीप्रीत और अन्य 35 आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप भी हटा दिया गया था। हनीप्रीत इंशा फिलहाल डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में ही रहा रही हैं।

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Prabhat Jain

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