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क्या मुंबई हाई कोर्ट बन्द कर रहा है टिक-टॉक

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फिलहाल देशभर में टिकटॉक का खुमार लोगों के दिलो-दिमाग पर इस कदर छाया हुआ है कि वे कभी भी और कही भी टिकटॉक वीडियो बनाना शुरू कर देते हैं। उन्हें न तो जगह की चिंता होती है न समय की, उन्हें तो बस टिकटॉक पर वीडियो बनाने से मतलब है। टिकटॉक पर वीडियो बनाने के चक्कर में कितने लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई तो कितनों ने जान। हालांकि इसे लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस दायर की गई याचिका में टिकटॉक पर बैन लगाए जाने की अपील की गई है।

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इस याचिका में कहा गया है कि यह ऐप देश के युवाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है और बिना फ़िल्टर किए आपत्तिजनक कंटेंट युवाओं को दिखा रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका बीते 11 नवंबर को मुंबई की रहने वाली हिना दरवेश ने दायर की है। हिना दरवेश 3 बच्चों की मां हैं। हिंदा द्वारा जारी की गई याचिका की प्रति सोमवार को उपलब्ध कराई गई। अपनी याचिका में हिना ने दावा करते हुए कहा है कि यह टिकटॉक ऐप आपराधिक घटनाओं का जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के उपयोग से कई घटानाएं हुई हैं और हो रही हैं। इनमे मौत भी शामिल हैं।

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गौरतलब है कि टिकटॉक एप्लिकेशन में यूजर्स छोटे लिप-सिंकिंग कॉमेडी या संगीत वीडियो बनाते हैं। यह वीडियो बनाने के बाद उसे अपलोड करते हैं और अपने दोस्तों के बीच इसे शेयर करते हैं। वीडियो क्लिप बनाने वाली यह चायनीज एप्लिकेशन साल 2017 में लांच की गई थी। इसे बनाने वाली चीनी कम्पनी का नाम बाइटडांस है। वहीं याचिका दायर करने वाली हिना का कहना है कि टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने वाली ऐसी ही एक याचिका पिछले साल मद्रास उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। इस याचिका में अश्लील कंटेंट को लेकर इस ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। अब देखना है कि बॉम्बे हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या सुनवाई करता है और टिकटॉक पर प्रतिबंध लगता है या नहीं।

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Prabhat Jain

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