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NRC को नही मान रहे BJP के नेता

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां पूरे देश में भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने जा रही हैं वहीं असम में भारतीय जनता पार्टी के ही नेता ने इसे लागू करने से मना कर दिया है। दरअसल असम के वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ मंत्री और हिमन्त विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने इस NRC पर असहमति जताई है। इस लिस्ट पर असहमति जताते हुए हिमन्त विश्व शर्मा ने कहा, “वर्तमान एनआरसी की लिस्‍ट (NRC List) स्‍वीकार करने लायक नहीं है। इसे खारिज किया जाना चाहिए।” उन्होंने इस NRC लिस्ट पर असंतोष जताते हुए कहा कि, “गृहमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल (CAB) के बाद पूरे देश में एनआरसी (NRC) लागू हो जाएगा। इसके बाद कोई संदेह नहीं रह जाता। ये डाटा को जारी करने की तारीख पूरे देश के लिए एक ही होगी। इसलिए अब हम ये देख रहे हैं कि इस मामले में अब क्‍या किया जाना चाहिए।”

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गौरतलब है कि असम में भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर आ चुका है। लेकिन इस लिस्ट से भारतीय जनता पार्टी के नेता और मंत्री ही असंतुष्ट नज़र आ रहे हैं। इसे खारिज किए जाने को लेकर हिमन्त विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि, “हमने केंद्रीय गृहमंत्री (Home Minister Amit Shah) से निवेदन किया है कि असम एनआरसी को खारिज किया जाए और हमें नेशनल एनआरसी का हिस्‍सा बनाया जाए। असम सरकार ने एनआरसी को स्वीकार नहीं किया है। असम सरकार और भाजपा ने गृह मंत्री से एनआरसी को खारिज करने का अनुरोध किया है।” उन्होंने आगे कहा कि असम राज्य को एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला के गलत कामों का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह एक अपारदर्शी प्रणाली थी जिसमें सभी के साथ अन्याय हुआ है।

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इसके अलावा हिमन्त विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि असम में अभी पुराना NRC ख़त्म नहीं हुआ है लेकिन एक बार नेशनल एनआरसी के आ जाने से यह भी ख़त्म हो जाएगा। वहीं आगे वे बोले कि, “जो भी व्‍यक्‍ति अपना नाम एनआरसी में जुड़वाना चाहेगा, राज्‍य सरकार की उसकी पूरी मदद करेगी और इस पर खर्च होने वाली न्‍यायिक फीस का खर्च भी वहन करेगी।” वहीं हिमंत ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार एक ट्रिब्‍यूनल का गठन करेगी ताकि लोगों को NRC लिस्ट में नाम दर्ज करवाने के लिए दूर न जाने पड़े।

गौरतलब है कि बुधवार को राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने घोषणा करते हुए कहा कि NRC को पुनः अपडेट किया जाएगा और इसे राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। अमित शाह द्वारा यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब असम में NRC को लेकर बेहद जमकर विवाद खड़ा हो गया है। असम में नागरिकता सूची के निर्माण में भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं। बता दें कि असम में तकरीबन 19 लाख लोगों को NRC सूची से बाहर कर दिया गया है। वहीं अमित शाह के द्वारा की गई इस घोषणा का स्वागत भारतीय जनता पार्टी ने किया है। जबकि कांग्रेस ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस ने इस घोषणा के बाद कहा कि, “हम किसी को भी भारतीयों के नागरिकता के अधिकार को छीनने नहीं देंगे।”

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Prabhat Jain

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