देश में यहां बुजुर्गों से सबसे ज्यादा हिंसा

0

जिनके सहारे कभी हमने दुनिया की खुशियों का दीदार किया, आज वे ही खुशियों के लिए तरसते हैं| जिन्होंने कभी हमारे लिए कोई कमी नहीं आने दी, लेकिन आज वे छोटी-छोटी जरूरतों के लिए तरसते हैं| जिन्होंने जब कभी हाथ उठाया तो  जीवन का पाठ पढ़ाया, लेकिन आज वे अपनी समझदार संतान के हाथों हिंसा के शिकार होते हैं| इसके बावजूद मूल्यों का हवाला  देने वाली हमारी आधुनिक पीढ़ी इस सत्य को और भी पुख्ता करती नज़र आ रही है| हाल ही में जारी आंकड़ों ने बुजुर्गों के प्रति हिंसा और मारपीट की घटनाओं की पुष्टि की है|  

एक नए सर्वे के मुताबिक, दिल्ली भारत के ऐसे पांच शहरों में से एक है, जहां बुज़ुर्गों के साथ बहुत ज्यादा दुर्व्यवहार होता है|  हेल्प एज इंडिया ने 23 शहरों की एक रिपोर्ट आज जारी की है|  इसके मुताबिक बुजुर्गों के साथ सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार मैंगलोर (47 फीसदी), उसके बाद अहमदाबाद (46 फीसदी), भोपाल (39 फीसदी) अमृतसर (35 फीसदी) और दिल्ली (33 फीसदी) में होता है|

इस शोध का उद्देश्य यह पता लगाना था कि दुर्व्यवहार किस हद तक, कितना ज्यादा, किस रूप में, कितनी बार होता है और इसके पीछे कारण क्या हैं। इसमें पता चला कि लगभग एक चौथाई बुजुर्ग आबादी व्यक्तिगत तौर पर उत्पीड़न का सामना करती हैं और उनका उत्पीड़न करने वालों में ज्यादातर या तो उनके बेटे (52 फीसदी) होते हैं या फिर उनकी बहुएं (34 फीसदी)| इससे यह साफ़ है कि जिस बेटे को मां -बाप गर्व से पाल कर बड़ा करते हैं, वे ही उन्हें सबसे ज्यादा प्रताड़ित करते हैं|

हेल्प एज इंडिया के सीईओ मैथ्यू चेरियन ने कहा, ”दुर्भाग्य से बुजुर्गों का उत्पीड़न घर से शुरू होता है और इसे अंजाम वे लोग देते हैं, जिन पर वे सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं|  उन्होंने बताया, ”इस वर्ष, दुर्व्यवहार को अंजाम देने वाले लोगों में सबसे पहले बेटे हैं, उसके बाद बहुएं हैं|  पहले के सर्वेक्षणों में पाया गया कि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों में सबसे आगे बहुएं होती हैं|  इसमें यह भी पता चला कि दुर्व्यवहार के शिकार 82 फीसदी बुजुर्ग परिवार की खातिर इसकी शिकायत नहीं करते या वह यह नहीं जानते कि समस्या से किस प्रकार निपटा जा सकता है|

Share.