कानून का सहारा लेकर, कानून की सज़ा से बच जाएंगे निर्भया के हत्यारें?

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निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape and Murder) मामले में और हत्याकांड मामले में तीसरी बार डेथ वारंट (Nirbhaya Convict Death Warrant) जारी हो चुका है और आगामी 3 मार्च को चारों आरोपियों पवन, मुकेश, अक्षय और विनय (Vinay For Medical Examination) को फांसी मुकर्रर कर दी गई है। चारों आरोपियों के फांसी से बचने के सारे कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं इसलिए अब उन्होंने फांसी से बचने के लिए नई तिकड़म लगानी शुरू कर दी है। आरोपी विनय (Nirbhaya Convict Vinay) ने जेल में खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश में अपना सिर जेल की दीवार पर दे मारा और जेल की सलाखों में अपना हाथ फंसाकर तोड़ने की कोशिश की थी। हालांकि वार्डन ने उसे रोक लिया फिर भी उसे चोट आई थी जिसके बाद उसे अस्पताल में दाखिल किया गया था। बता दें कि आरोपी के वकील ने कोर्ट में याचिका दायर कर विनय की मानसिक स्थित ठीक न होने की बात कही थी। विनय (Vinay For Medical Examination) की इस याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) में सुनवाई जारी है। कोर्ट में दाखिल इस याचिका में विनय की मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और सिर तथा हाथ की चोट के बेहतर इलाज का आग्रह किया गया है। हालांकि जेल प्रशासन की तरफ से मानसिक समस्या से जुड़े विनय के दावों को खारिज कर दिया है। बता दें कि विनय (Nirbhaya convict Vinay)के वकील ने कहा था कि विनय की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसने अपनी मां को पह्चानने तक से इंकार कर दिया था।

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आरोपी के वकील की इस दलील पर जेल प्रशासन की ओर से पेश सरकारी वकील इरफान अहमद (Irfan Ahmed) ने कहा कि “दोषी विनय शर्मा (Vinay For Medical Examination) ने हाल ही में अपनी मां और वकील को दो बार फोन कॉल किए, तो फिर उसका वकील क्यों दावा कर रहा है कि वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा।” इतना ही नहीं इरफान अहमद ने आगे कहा कि आरोपी विनय की मानसिक अस्थिरता को लेकर कोई भी मेडिकल हिस्ट्री नहीं है जैसा कि  उसके वकील एपी सिंह ने दावा किया है। दोषी विनय के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं इसी वजह से उसने फांसी से बचने के लिए अब मेडिकल जांच की याचिका दायर की है। बीते गुरुवार को विनय के वकील एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) में याचिका दायर की थी। पिछली सुनवाई के दौरान विनय के वकील एपी सिंह ने दलील दी थी कि विनय की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह भूख हड़ताल पर है। वहीं विनय के चोटिल हो जाने पर उसके वकील ने पटियाला हाउस कोर्ट से उसकी उच्चस्तरीय चिकित्सा जांच के लिए उसे आईएचबीएएस (IHBAS Hospital) हॉस्पिटल में दाखिल कराए जाने का आग्रह किया है। इसके लिए वकील एपी सिंह ने तिहाड़ जेल प्रशासन से निर्देश जारी करने की मांग की थी जिस पर पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने जेल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

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गौरतलब है कि डेथ वारंट (Vinay For Medical Examination) जारी हो जाने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar Jail Administration) दोषियों को फांसी (Nirbhaya Verdict) देने से पहले वाली सारी प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा हुआ है। इस प्रक्रिया के तहत जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजन को पत्र लिखा है और आखिरी बार मिलने की तारिख के बारे में बताने को कहा है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत फांसी से 14 दिन पहले दोषियों के परिजन को पत्र लिखा जाता है और उनसे आखिरी बार मिलने की तारिख के बारे में पूछा जाता है। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कहा कि पिछली बार जब डेथ वारंट (Death Warrant)  जारी हुआ था तब मुकेश और पवन ने अपने परिजन से मुलाकत की थी। अब अक्षय और विनय से जेल प्रशासन ने पूछा है कि वे अंतिम बार अपने परिवारवालों से कब मिलना चाहते हैं।

गौरतलब है कि पहले डेथ वारंट (Nirbhaya convicts Death Warrant) के अनुसार 22 जनवरी को दोषियों को फांसी दी जानी थी लेकिन दोषियों (Vinay For Medical Examination)  के वकील ने कानूनी दांव-पेच लगाकर इसे रद्द करवा दिया था। इसके बाद दूसरी बार डेथ वारंट जारी किया गया जिसके अनुसार दोषियों को 2 फ़रवरी को फांसी दी जानी थी लेकिन यह भी टल गई। अब अदालत ने तीसरी बार डेथ वारंट (Nirbhaya Betrayed) जारी किया है जिसके तहत दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। तीसरी बार डेथ वारंट जारी होने पर निर्भया की मां आशा देवी ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा था, “मैं बहुत खुश नहीं हूं, क्योंकि यह तीसरी बार है जब डेथ वारंट जारी किया गया। हमने अब तक बहुत संघर्ष किया है, इसलिए मैं संतुष्ट हूं कि आखिरकार डेथ वारंट जारी किया गया है। मुझे उम्मीद है कि उन्हें (दोषियों को) तीन मार्च को फांसी दी जाएगी।”

Nirbhaya Convicts Death Warrant Petition : निर्भया को दोषियों को फांसी नहीं!

Prabhat Jain

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