ग्रेटर नोएडा बिल्डिंग हादसे में 9 की मौत

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ग्रेटर नोएडा बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| अब तक रेस्क्यू टीम द्वारा 9 शव निकाले जा चुके हैं| आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या में इज़ाफा हो सकता है| फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन  जारी है| गौरतलब है कि 17 जुलाई को हुए इस हादसे में 2 इमारतें अचानक गिर गई थीं| बुधवार तक रेस्क्यू में 8 शवों को निकाल लिया गया था| एनडीआरएफ की चार कंपनियां मलबा हटाने में जुटी हैं|

एनडीआरएफ के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना बहुत कम बची है| मलबे को हटाने में समय लग सकता है|  इस हादसे पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने बड़ी कार्रवाई की है| योगी ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के प्रोजेक्ट मैनेजर बीपी सिंह और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अख्तर अब्बास ज़ैदी को निलंबित कर दिया गया है| ग्रेटर नोएडा हादसे की जांच  मेरठ के डिविजनल कमिश्नर को सौंपी गई है|

सरकार ने इस हादसे पर दु:ख जताया है और मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है| इस मामले में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तार किया जा चुका है| ग्रेटर नोएडा के जिस क्षेत्र में इमारत गिरी, उस क्षेत्र के भूमि अधिग्रहण को सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2011 में रद्द कर दिया था| कोर्ट ने यहां किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी थी|

हैरानी की बात यह है कि अवैध निर्माण के खिलाफ मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी गई थी| इसके बावजूद अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी|

डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा ने बताया कि ग्रेटर नोएडा हादसे की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया गया है| अवैध निर्माण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी| उन्होंने कहा कि सरकार शिकायतों का परीक्षण कराएगी कि अवैध निर्माण कैसे हुआ| लापरवाही करने वालों पर सरकार एक्शन लेगी|

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