जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने की कवायद

0

जम्मू-कश्मीर में भाजपा के समर्थन से अपनी सरकार गिरने के बाद पीडीपी कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन और कांग्रेस गठबंधन से सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशने में जुट गई है| जब भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस लिया था, उस समय कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राज्य में राज्यपाल शासन लगा था, लेकिन अब फिर से सरकार बनाने के लिए राज्य में नए समीकरण बनने लगे हैं|

एक बार फिर सत्ता के लिए कांग्रेस और पीडीपी के बीच खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है। सूत्र बताते हैं कि पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ संपर्क में है। महबूबा की गुलाम नबी आजाद और सोनिया गांधी से मुलाकात हो सकती है। भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए दोनों पार्टियां सरकार बनाने की कोशिश करेंगी|

कांग्रेस की 3 जुलाई को श्रीनगर में अहम बैठक होगी। इसमें पार्टी के विधायकों, एमएलसी, पूर्व विधायकों और पूर्व एमएलसी को बुलाया गया है। बैठक में विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और पार्टी की जम्मू कश्मीर प्रभारी अंबिका सोनी आएंगी। बैठक में राज्य के मौजूदा हालात और राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा होनी है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि बैठक में सरकार बनाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।

बैठक में आम राय बनाकर इसकी जानकारी हाईकमान को दी जाएगी। सरकार का नेतृत्व पीडीपी करेगी या कांग्रेस, यह तो दोनों पार्टियों की राय के बाद ही तय होगा। राज्य विधानसभा में पीडीपी के 28 और कांग्रेस के 12 सदस्य हैं। कुल 87 सदस्यों की विधानसभा में जादू का आंकड़ा 44 है। यदि पीडीपी और कांग्रेस चार निर्दलीय का समर्थन हासिल कर लेती है तो सरकार बन सकती है। निर्दलीय विधायकों में पवन गुप्ता, मुहम्मद यूसुफ तारीगामी, हकीम मुहम्मद यासीन और इंजीनियर रशीद हैं। चारों ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने भाजपा को समर्थन नहीं दिया था।

Share.