जानिए कौन हैं Vikram Sarabhai, जिन पर Google ने बनाया Doodle

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आज गूगल (Google ) ने विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai Birth Anniversary 2019)  का डूडल (Doodle) बनकार उन्हें याद किया है। गूगल के इस डूडल को देखकर कई लोग जो विक्रम साराभाई को नहीं जानते हैं उनके मन में यह सवाल उठ रहा है कि वे कौन थे। आइये जानते हैं कि कौन है विक्रम साराभाई। भारत को अंतरिक्ष तक पहुंचाने और इसरो  की नींव रखने वाले विक्रम साराभाई ही थे। आज उनकी 100वीं जयंती मनाई जा रही है।

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आज हमारा देश खुद की मिसाइलें तैयार करता है। भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी तरक्की हासिल की है बड़े-बड़े अभियानों में सफलता प्राप्त की है, लेकिन इन सबका श्रेय केवल महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai Birth Anniversary 2019) को जाता है, क्योंकि उन्होंने ही इसकी शुरुआत की थी। महान वैज्ञानिक साराभाई का जन्म अहमदाबाद में 12 अगस्त 1919 को हुआ था। उनके पिता का नाम अंबालाल साराभाई था, जो एक महान उद्योगपति थे, जिनकी गुजरात में अकि मीलेन थी। उन्होंने ‘केम्ब्रिज विश्वविद्यालय’ के सेंट जॉन कॉलेज से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की।

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साराभाई (Vikram Sarabhai Birth Anniversary 2019) ने भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में काफी योगदान है। वे अपने साथ काम करने वाले वैज्ञानिकों, विशेषकर युवा वैज्ञानिकों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। 1947 में उन्होंने ही अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) की स्थापना की। 15 अगस्त 1969 को इंडियन स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) की तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और होमी भाभा के सहयोग से उन्होंने स्थापना की। उन्होंने भारत जैसे विकासशील देश के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम के महत्व के बारे में सरकार को राजी किया और कहा देश को इसकी जरूरत है।

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इसरो के साथ ही उन्होने कई संस्थानों की भी स्थापना की। इसमें भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल), अहमदाबाद,  कम्यूनिटी साइंस सेंटर, अहमदाबाद,  दर्पण अकाडेमी फ़ॉर परफार्मिंग आर्ट्स, अहमदाबाद, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम,  स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद,  फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (एफबीटीआर), कल्पकम, वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रॉन प्रॉजेक्ट, कोलकाता,  इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(ईसीआईएल), हैदराबाद और  यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल), जादूगुडा, बिहार की स्थापना की। 52 साल की उम्र में 30 दिसंबर, 1971 को विक्रम साराभाई का तिरुवनंतपुरम में निधन हो गया।

 

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