website counter widget

दूध में मिलावट को रोकने के लिए FSSAI का नया नियम

0

नई दिल्ली: दुनिया में दूध उत्पादन (Milk productio) में भारत पहले स्थान पर है भारत में दूध और दूध से बने हुए प्रोडक्ट्स को बहुत [पसंद किया जाता है लेकिन आजकल दूध में हो रही मिलावट के कारण लोगों को दूध से फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है। लेकिन अब इस मिलावट (FSSAI Milk Report) को रोकने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Food Safety and Standards Authority of India) ने 1 जनवरी 2020 से एक नया नियम बनाने जा रही है। जिसके अनुसार अब संगठित क्षेत्र के दूध कंपनियां जैसे मदर डेरी (Mother Dairy), अमूल (AMUL), पारस (Paras) को भी अपने दूध के सैंपल (Milk Sample) की जांच FSSAI की लैब में कराना होगी.

School Van Accident In Shajapur : मध्यप्रदेश में बच्चों से भरी स्कूल वैन कुएं में गिरी, कई बच्चों की मौत

जानकारी के अनुसार दूध की शुद्धता को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया(FSSAI Milk Report) ने अपनी सर्वे रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक, 41 फीसदी प्रोसेस्ड और कच्चा दूध गुणवत्तापूर्ण के पैमाने में कम है. वहीं, 41 फीसदी दूध में फैट और एसएनएफ यानी सोलिडस नॉट फैट का मात्रा भी तय मानकों से कम पाई गई है. FSSAI के सीईओ पवन अग्रवाल का कहना है कि 41 फीसदी प्रोसेस्ड और कच्चा दूध गुणवत्तापूर्ण के पैमाने में कम है. 41 फ़ीसदी दूध में फैट और एसएनएफ यानी सोलिडस नॉट फैट का मात्रा कम पाया गया. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता है. इसके दो कारण हो सकते है कि या तो गाय को प्रॉपर खाना नहीं मिल पा रहा है या दूध में पानी मिलाकर बेचा जाता है.

मोदी को गले लगाया और भारतीयों को वापस भेजा

साथ ही पवन अग्रवाल ने बताया कि खोया,पनीर और घी में मिलावटी को लेकर शिकायतें मिली है.राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस पर काम कर रहे है.दिल्ली में इन उत्पादों पर सर्विलेंस करवा रहे है इसका नतीजा नवंबर के पहले सप्ताह में आ जायेगा (FSSAI Milk Report). उसके बाद ऐसा प्रैक्टिस देश भर में करेंगे.

कांग्रेस के दौर में ही शहीद हुई ‘बाबरी मस्जिद’, देखें Video

-Mradul tripathi

 

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.