भारत के सबसे प्रभावशाली मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन

0

नई दिल्ली: भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन (TN Seshan) का रविवार को 87 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कई शीर्ष नेताओं ने टीएन शेषन (Former CEC TN Seshan) के निधन पर शोक व्यक्त किया है. केरल के पलक्कड़ जिले के तिरुनेलै में जन्मे टीएन शेषन 1955 बैच के आईएएस अधिकारी थे. उन्हें 12 दिसंबर 1990 को भारत के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था. वे शेषन 1990 से 1996 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे थे। शेषन को लोग कांग्रेसी कहते थे। पर कांग्रेस खुद उनके फैसलों से परेशान थी। शेषन अक्सर मजाक में कहते थे कि मैं नाश्ते में राजनीतिज्ञों को खाता हूं।

जानकरी के अनुसार मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकारों को भंग करने के बाद पूर्व मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा था कि इन राज्यों में चुनाव सालभर बाद होंगे। शेषन ने तुरंत प्रेस विज्ञप्ति जारी की, याद दिलाया कि चुनाव की तारीख मंत्रिगण नहीं, चुनाव आयोग तय करता है। कैबिनेट सचिव रहे शेषन ने एक बार राजीव गांधी के मुंह से यह कहते हुए बिस्किट खींच लिया कि प्रधानमंत्री को वो चीज नहीं खानी चाहिए, जिसका पहले परीक्षण न किया गया हो। ऐसे बहुत से किस्से है टीएन शेषन के बारे में शेषन ने चुनावों की पूरी तस्वीर बदल दी थी वोटर आईडी का चलन शेषन के कार्यकाल में ही हुआ था। टीएन शेषन ने और भी बहुत से ऐसे कार्य किये है जिनके माध्यम से चुनाव प्रणाली में बहुत से सुधार हुए है।


टी. एन. शेषन ने भारत के 18वें कैबिनेट सचिव के रूप में 27 मार्च 1989 से 23 दिसंबर 1989 तक सेवा दी. सरकारी सेवाओं के लिए उनको साल 1996 में रमन मैग्सेसे अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. साल 1997 में टी. एन. शेषन ने राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उनको जीत नहीं मिली थी. टी. एन. शेषन को के. आर. नारायण के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. रिटायर होने के बाद टी. एन. शेषन देशभक्त ट्रस्ट की स्थापना की और समाज सुधार में सक्रिय भूमिका निभाते रहे. टी. एन. शेषन भारत का सबसे प्रभावशाली मुख्य चुनाव आयुक्त माना जाता था. शेषन को चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाता है।

-Mradul tripathi

Share.