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चमकी बुखार से जिन के बच्चे मरे पुलिस ने दर्ज की उन्हीं पर FIR!

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बिहार (Bihar) में अभी भी चमकी बुखार (Chamki Fever) का कहर कम नहीं हुआ है। पहले जहां यह कहा जा रहा था कि बारिश के बाद बुखार (Fever) से राहत मिल जायेगी, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। चमकी बुखार (Acute Encephalitis Syndrome) के कारण अपने बच्चों को खो देने का दुःख उनके परिवार वालों के लिए असहनीय था, वहीँ इस दुःख की घडी में पुलिसवालों ने भी पीड़ित परिवारों के साथ ऐसा कुछ किया कि उनका दुःख और बढ़ गया। बच्चों की मौत के बाद परिजनों ने जिन पुलिसवालों के सामने न्याय की गुहार लगाईं थी, उन्होंने ही पीड़ित परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

Chamki Fever : बिहार में चमकी बुखार से राहत!

जानकरी के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का राज्य एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome ) यानी चमकी बुखार से बुरी तरह से जकड़ गया है। बच्चों की मौत का आंकड़ा 150 से भी ज्यादा हो गया। सीएम नीतीश कुमार पीड़ितों से मिलने मुजफ्फरपुर पहुँचने वाले थे, लेकिन जब हरिवशंपुर गांव के लोगों को यह पता चला कि नीतीश कुमार सड़क के रास्ते जाएंगे, तो उन्होंने न्याय की आस में रास्ते को जाम कर दिया, लेकिन ऐसा करना प्रशासन को रास नहीं आया।

Chamki Fever Alert : बिहार के बाद अब इस राज्य में चमकी का अलर्ट

हरिवंशपुर गांव के 19 लोग बुखार के इलाज और पानी की समस्या की मांग को लेकर रास्ते में बैठकर मुख्यमंत्रीजी की रास्ता देख रहे थे। उन सभी को न्याय और कोई आश्वासन तो नहीं मिला, लेकिन उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसमें 4 लोग ऐसे भी हैं, जिनके बच्चे चमकी बुखार से मरे हैं।  18 जून को भगवानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार के बयान पर मामला दर्ज किया गया है।

लोगों का कहना है कि 18 जून को जिस दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिमागी बुखार के मरीज़ों का हाल जानने के लिए मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा करने गए थे। उसी दिन वे अपनी समस्या के बारे में सीएम से बात करना चाहते थे, लेकिन उनकी मुसिबत और बढ़ गई। इस मामले में पुलिस 19 नामजद और 20 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

Chamki Bukhar : लक्षण, कारण, इलाज और बचाव?

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