डॉक्टरों की हड़ताल, मृत बच्चे के पिता की गुहार, रोते हुए बोले… 

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देश भर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं, अपने कर्तव्यों का बहिष्कार कर रहे हैं। तख्तियों और बैनरों में #Savethedoctors लिखकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। एक हफ्ते पहले कोलकाता में शुरू हुई डॉक्टरों की हड़ताल का समर्थन अब एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों के साथ -साथ देश के हजारों डॉक्टर भी कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान बंगाल में बवाल के बीच दिल दहला देने वाला मामला सामने आया।

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हड़ताल के कारण अपने नवजात बच्चे के इलाज के लिए दर-दर भटकने के बाद एक पिता शिशु को पकड़कर रोता हुआ दिखा। बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी मौत हो गई। पश्चिम बंगाल के स्थानीय अख़बार के फोटोग्राफर द्वारा साझा की गई तस्वीर पिछले चार दिनों से बंगाल में रोगियों द्वारा किए जा रहे परिणाम को दर्शाती है। बंगाल की स्वास्थ्य सेवा पूरे राज्य में बेहाल है।  कई रोगी, जिन्हे महत्वपूर्ण देखभाल और सेवा की ज़रूरत है,  उन्हें भी डॉक्टरों ने अपने ही हाल में छोड़ दिया है।

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अन्य राज्य भी प्रभावित

बंगाल के साथ ही और भी ऐसे राज्य हैं जो हड़ताल के कारण बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। महाराष्ट्र में 4,500 डॉक्टर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसके कारण नागपुर और मुंबई जैसे शहरों की मेडिकल सेवा भी अस्त व्यस्त हो गई है।

क्यों भारत भर के डॉक्टर विरोध कर रहे हैं?

दरअसल, कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज (NRS Medical College) और अस्पताल में एक मरीज की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मृतक के  भड़के परिजनों ने युवा डॉक्टर (जो की एक छात्र भी था) पर कथित रूप से हमला किया था। उसके सिर पर ईंट से प्रहार किया गया था, जिससे उसका सिर फूट गया।  छात्र अस्पताल में भर्ती है और अब भी उसकी हालत गंभीर हालत  है। इस हादसे के बाद देश के तमाम प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन किया।

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सोशल मीडिया पर भी #Savethedoctors का प्रदर्शन और समर्थन

डॉक्टर के साथ नाराजगी और एकजुटता सोशल मीडिया पर भी दिखाई दी। डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स (Medical Students) ने हैशटैग #SaveTheDoctors के साथ ट्वीट किया, जिसमें कहा गया है कि वे उस युवा डॉक्टर के समर्थन में मरीजों के इलाज का बहिष्कार करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक की कार्रवाई नहीं की जाती।

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