युवाओं के आंदोलन पर ये बोले प्रणब मुखर्जी

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देश भर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर जमकर विरोध हो रहा है। हालांकि पूरा देश लगभग दो गुटों में बंट चुका है। एक तरफ हैं CAA का विरोध (CAA protest) करने वाले तो दूसरी तरफ हैं इसका समर्थन करने वाले। (Ex-President Pranab Mukherjee) हालांकि इसके विरोध को लेकर देश के कई स्थानों पर आंदोलन किए जा रहे हैं। अभी तक इस मामले में कई फ़िल्मी हस्तियों और नेताओं ने भी अपनी-अपनी बात रखी है। वहीं अब किसी भी मुद्दे पर सहमति और असहमति को लेकर देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) ने बयान दिया। दरअसल निर्वाचन आयोग (Election Commission) की तरफ से आयोजित पहले सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान (Sukumar Sen Memorial Program) को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संबोधित किया।

नागरिकता कानून पर बवाल के बीच प्रणब मुखर्जी ने कही बात

अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Ex-President Pranab Mukherjee) ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर सहमति और असहमति लोकतंत्र के मूल तत्व हैं। देश भर में हुए सभी आंदोलनों पर बोलते हुए प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) ने कहा कि, “शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर लोकतंत्र को मज़बूत बनाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र कई बार कई परीक्षाओं से गुजरा है और पिछले कुछ महीनों में ही देश के तमाम नागरिक भिन्न-भिन्न मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने (Ex-President Pranab Mukherjee)  कहा कि इन आंदोलनों में देश के युवाओं ने काफी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया यह देश के लिए सभी अच्छी बात है। जरूरी मुद्दों पर युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की और उन्होंने संविधान में जो आस्था दिखाई वह वाकई में दिल छू लेने वाली थी।

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उन्होंने (Ex-President Pranab Mukherjee)  कहा कि देश के विभिन्न मुद्दों पर युवाओं ने शांतिपूर्ण तरह से आंदोलन किए और अपनी आवाज बुलंद की। आगे वे बोले, “देश में चल रही शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर ही हमारे लोकतंत्र की जड़ों को गहरा और मज़बूत बनाएगी।” हालांकि अपने पूरे संबोधन के दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Ex-President Pranab Mukherjee) ने नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) का कोई जिक्र नहीं किया।

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Prabhat jain

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