ईयू सांसदों ने घाटी के हालातों पर दिया बड़ा बयान

0

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने (Article 370 removed from Jammu and Kashmir) के बाद से ही कश्मीर में बवाल मचा हुआ है। इस मामले पर मचा शोर देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई दिया। इसके बाद अब घाटी के हालातों का जायजा लेने यूरोपियन यूनियन (European Union ) के कई सांसद पहुंचे। इन सांसदों ने आज यानि बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस करके जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir ) के हालातों के बारे में दुनिया को बताया। इसके साथ ही उन्होने पाकिस्तान के दुष्प्रचार की पोल भी खोल दी।

मोदी की कश्मीर नीति पर दुनिया की मुहर

यूरोपियन यूनियन के एक सांसद ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और कश्मीर के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है। हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे। हमने सेना से आतंक से निपटने के तरीके पूछे। हमारे दौरे पर विवाद गलत है। मैं 40 साल में 20 से ज्यादा बार भारत आया। पाकिस्तान के दौरे पर भी जा चुका हूं। अगर हम नाजीवादी होते तो जनता हमें न चुनती। यूरोप में हम हजारों साल तक एक दूसरे से लड़ते रहे लेकिन अब हमने भी शांति से रहना सीख लिया है। हम यहां जानकारियां लेने पहुंचे हैं जिससे यहां के हालात को समझ सकें।

एक और सांसद ने कहा कि हमने यहां लोगों से बातचीत की जिससे स्थानीय मुद्दों को समझने में मदद मिली। एक कश्मीरी ने बताया कि यहां बहुत ज्यादा भष्टाचार है, दिल्ली से जो पैसा आता है वो भष्ट्राचार की भेंट चढ़ जाता है। हम यहां राजनीति करने नहीं आए हैं। आतंकवाद से पीड़ित रहे कश्मीर की स्थिति देखने आए हैं। यहां लोग विकास और अच्छे अस्पताल चाहते हैं। कश्मीर को लेकर कई तरह से दुष्प्रचार किया जा रहा है, यह सही नहीं है। हमें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। हम सिर्फ तथ्य जानने के लिए यहां आए हैं। यहां सामान्य जीवन पटरी पर लाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं, हम यही जानना चाहते हैं।

एक और सांसद ने कहा कि ”कल आतंकियों ने जिन मजदूरों को मारा, उनके परिवार के प्रति संवेदना जताता हूं। यूरोप में हम एक-दूसरे के खिलाफ कई सालों से लड़ते रहे, लेकिन अब हमने शांति से रहना सीख लिया है। यूरोप और भारत के बीच काफी मजबूत रिश्ते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। हम यहां यही स्थिति जानने आए हैं। हमने लोगों से बात की। कश्मीर के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार से बहुत बड़ा फंड आता है, लेकिन वह नागरिकों तक नहीं पहुंच पाता। यहां बहुत भ्रष्टाचार है।

    – Ranjita Pathare 

 

Share.