NRC लिस्ट पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

0

देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने वाले हैं। वहीं देश में अभी भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens) को लेकर बहस चल रही है। कई लोग जहां इसका विरोध कर रहे हैं वहीं कई ऐसे भी है जो इस मुद्दे का समर्थन कर रहे हैं। अब इस पर चुनाव आयोग ने भी बड़ा फैसला सुनाया है। चुनाव आयोग (Election commission) ने नागरिक ट्रिब्यूनल (Civil tribunal) का फैसला आने तक वोटर लिस्ट में मौजूद लोगों के बारे मे बताया है।

पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति रूहानी से मिले

सभी को वोट देने का अधिकार

जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग (Election commission) का कहना है कि एनआरसी लिस्ट (NRC List) से बाहर रखे गए लोगों को मतदान का अधिकार तभी तक होगा, जब तक नागरिक ट्रिब्यूनल (Civil tribunal) उनके खिलाफ फैसला न सुना दे। नागरिक ट्रिब्यूनल का फैसला आने तक वोटर लिस्ट में मौजूद हर एक मतदाता को वोट डालने का अधिकार होगा (Assam National Register Of Citizens)।

हो गया शिवसेना और बीजेपी के बीच सीटों का बंटवारा!

19 लाख लोग हुए बाहर

सरकार ने असम (Assam) में 31 अगस्त को एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी कर दी, जिसके बाद हंगामा मच गया। इस लिस्ट से 19 लाख लोगों को बाहर रखा गया है। एनसीआर के बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने बयान दिया था और केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की थी। वहीं दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal in Delhi) ने कहा था कि अगर दिल्ली में एनआरसी लागू हुई तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को भी दिल्ली छोड़नी पड़ेगी। इसके बाद और हंगाम शुरू हो गया है। दिल्ली के लोग सीएम केजरीवाल का विरोध कर रहे हैं।

पाकिस्तान में इमरान खान का बहिष्कार

सीएम केजरीवाल के बयान के बाद दिल्ली के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को मालूम होना चाहिए कि एनआरसी में घुसपैठियों को चिन्हित किया जाता है। केजरीवाल के आवास के बाहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया था।

     – Ranjita Pathare

 

Share.