सरलता की मिसाल थे डॉ. अब्दुल कलाम

0

अपनी सरलता और ईमानदारी से सभी को अपना कायल बनाने वाले और मिसाइलमैन के नाम से पहचाने जाने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल की आज पुण्यतिथि है| मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे कलाम ने देश को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं में आत्मनिर्भर बनाया| उन्हीं की मेहनत का परिणाम है कि आज भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है| कलाम का का सारा जीवन प्रेरणादायी रहा| उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए अखबार भी बेचे| उन्होंने धर्म पर विश्वास नहीं किया, लेकिन वे हर धर्म का आदर करते थे|

देश के इतिहास में डॉ.एपीजे अब्दुल ऐसे पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए सोशल मीडिया पर सक्रियता दिखाई थी| उनके स्कूली जीवन को सही दिशा देने में उनके गुरु की अहम भूमिका थी| अध्ययन के शुरूआती दिनों में ही उन्‍होंने विज्ञान और ब्रह्मांड, ग्रह-नक्षत्रों और ज्योतिष का काफी गहराई से अध्ययन कर लिया था| बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाम में शिक्षक, लेखक, वैज्ञानिक, कवि सहित आध्यात्मिक गुण विद्यमान थे| एक बार उन्होंने कहा था कि सरलता, पवित्रता और सच्चाई के बिना कोई महानता नहीं होती|

डॉ.एपीजे अब्दुल – A Missile Man

आज उनकी बदौलत ही भारत के पास मिसाइलों का खजाना है| उन्हीं की मेहनत है कि आज भारत के पास  अग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल जैसी मिसाइलें हैं| वर्ष 1982 में उन्हें डीआरडीओ का निदेशक नियुक्त किया गया| जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक वे रक्षा विज्ञान सलाहकार और सुरक्षा शोध और विकास विभाग के सलाहकार रहे| वर्ष 1998 में उन्हीं की देखरेख में भारत ने पोखरण में अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया| इसके बाद भारत परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सूची में शामिल हुआ था|

उनके जीवन पर आधारित दो पुस्तकें ‘तेजस्वी मन’  और ‘अग्नि की उड़ान’ उनके जीवन का एक खुला दस्तावेज है| उनकी देशभक्ति व कार्य राजनीति से परे थे| डॉ.एपीजे अब्दुल देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति बने थे, जो राजनीति से अलग व बहुत दूर थे| डॉ.कलाम हमेशा युवाओं से ऊंचे सपने देखने की बात कहा करते थे| वे कहा करते थे कि ऐसे सपने देखो कि वे जब तक पूरे न हो जाएं, तब तक आपको नींद न आए|

डॉ.एपीजे अब्दुल को वर्ष 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया| भारत के सर्वोच्च पद पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं| उनसे पहले यह मुकाम सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया है |

प्रधानमंत्री ने किया कलाम के स्मारक का शुभारम्भ

कलाम को सलाम….

कलाम एक वैज्ञानिक, एक शिक्षक और युवाओं के प्रेरक…

Share.