बिजनेसमैन को वीआईपी ट्रिटमेंट देने में घिरी महाराष्ट्र की उद्धव सरकार

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कोरोना वायरस(Coronavirus Outbreak In India) महामारी को मात देने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन(Lockdown Extension Update) है। लोग सख्ती से इसका पालन कर रहे हैं और करीब 100 करोड़ से अधिक लोग अपने घरों में हैं। पुलिस और प्रशासन लोगों को घर में रखने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं(Corona Villains)।
लेकिन इस बीच महाराष्ट्र में लॉकडाउन(Maharashtra Lockdown Update) के दौरान एक बिजनेसमैन को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का मामला सामने आया। इस मामले के सामने आते ही सरकारी प्रयासों की पोल खुल गई। दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल)(Deewan Housing Finance Limited) के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन(Wadhawan Brothers Caught) अपने परिवार के साथ लॉकडाउन तोड़ महाबलेश्वर(Wadhawan Borthers Mahabaleshwar) घूमने पहुंचे थे।इतना ही नहीं इन्हें वहां जाने की अनुमति खुद महाराष्ट्र सरकार(Uddhav Thackeray} ने ही दी थी। इसके बाद अब महाराष्ट्र में प्रशासन से लेकर सरकार तक सवालों के घेरे में है।

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क्या है पूरा मामला?
डीएचएफएल(DHFL) के प्रमोटर वधावन बंधु(Wadhawan Borthers) महाबलेश्वर घूमने गए थे, यहां उनके साथ परिवार के सदस्य और कुछ सहायक भी थे। जब वो महाबलेश्वर में मौजूद अपने बंगले पर पहुंचे, तो वहां आस-पास के लोगों ने उनके आने की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद जब पुलिस वहां पर पहुंची और तो उनसे इनका कारण पूछा।
पुलिस के सवालों पर वधावन बंधुओं की ओर से मेडिकल इमरजेंसी(Medical Emergency) का कारण बताया। यहां उन्होंने गृह मंत्रालय(Home Minister) की ओर से जारी एक चिट्ठी भी दिखाई। लेकिन पुलिस ने बाद में सभी को क्वारनटीन(Wadhawan Brothers Under Quarantine) में ले लिया और लॉकडाउन उल्लंघन का केस भी दर्ज किया गया. सभी 23 लोगों पर सेक्शन 188(Section 188) के अलावा सेक्शन 51(Section 51) के तहत केस दर्ज किया गया है.

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परमिशन वाली चिट्ठी सवालों के घेरे में-
मामला चर्चा में आने के बाद विपक्ष ने उद्धव सरकार पर हमला बोलो। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस(Devendra Fadnavis) ने इस वीआईपी ट्रीटमेंट(Wadhawan Brothers VIP Treatment) पर सवाल खड़े किए। जांच में पता लगा कि वधावन बंधु सरकार की तरफ से ही इजाजत मिलने के बाद महाबलेश्वर(Places To Visit In Mahabaleshwar) घूमने के लिए गए थे।

जब पुलिस ने वधावन बंधुओं से महाबलेश्वर आने का कारण पूछा तो उनकी ओर से एक चिट्ठी दिखाई गई। जो महाराष्ट्र के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ गुप्ता(Amitabh Gupta) की थी और 8 अप्रैल को जारी की गई थी।
चिट्ठी में साफ लिखा था कि वधावन परिवार उनके जान-पहचान वाले हैं, वह किसी पारिवारिक इमरजेंसी की वजह से महाबलेश्वर जा रहे हैं, ऐसे में उन्हें जाने दिया जाए। लेकिन जब पुलिस उनके फार्म हाउस पर पहुंची तो ऐसी कोई परिस्थिति नहीं थी।

उद्धव ने लिया संज्ञान-
इस पूरे मामले पर विवाद बढता देख। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तुरंत महाराष्ट्र पुलिस के डीजीपी से बात की और पूरे मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने की भी बात कही।
इसके बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने जानकारी दी कि इस मामले की पूरी जांच होने तक अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया है और अब उनकी चिट्ठी की जांच की जा रही है।
तो एक तरफ तो महाराष्ट्र में जहां कोरोना वायरस के मामले सर्वाधिक हैं, वहां अधिकारियों द्वारा रसूखदारों को इस तरह से वीआईपी ट्रिटमेंट दिए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर उद्धव सरकार क्या कदम उठाती है(Wadhawan Brothers Caught)

-Rahul Kumar Tiwari

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