Video: 11 राज्यों के पुलिस इस डॉन के पीछे

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8 अप्रैल 2015 यह वो दिन था जब दिल्ली पुलिस ने देश के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर Neeraj Bawana को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी उस समय दिल्ली के डीसीपी रहे संजीव यादव के नेतृत्व में हुई थी, लेकिन तब से अब तक इस खौफनाक गैंगस्टर के कई साथी गिरफ्तार नहीं हो पाए थे।

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Neeraj Bawana Video :

आज एक बार फिर दिल्ली पुलिस ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर (Neeraj Bawana) गैंग गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 3 लक्जरी कार के अलावा भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार बरामद किए हैं। दिल्ली की जेल में बंद एक-दूसरे के दुश्मन नीरज बवाना और राजेश बवाना ने जेल से ही अपने गुर्गों को एक माह पहले खून खराबा करने के निर्देश दिए हैं। यह खुलासा सीआईए CIA द्वारा पकड़े गए राजेश बवाना गिरोह के चार बदमाशों ने पूछताछ में किया है। इसके लिए दोनों गिरोह के गुर्गों ने हाल ही में यूपी से हथियार भी खरीदे हैं। रोहतक पुलिस खून खराबा रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को भी पत्र भेजेगी।

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आप सोच रहें होंगे कि आखिर 11 राज्यों कि पुलिस जिस डौन के पीछे पड़ी थी कौन है ? यह कोई मामूली गैंगस्टर नहीं बल्कि जबरन वसूली और दिल्ली के अमीर व्यापारियों के ठिकानों को निशाना बनाने वाला नीरज बवाना (Neeraj Bawana) है। 30 वर्षीय बवाना, हत्या और जबरन वसूली के अलावा कई मामलों में 10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। आज भी नीरज बवाना को दिल्ली का सबसे बड़ा गैंगस्टर माना जाता है, जो फिलहाल अभी तिहाड़ जैल में बंद हैं।

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2015 में Neeraj Bawana को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नीरज के पास से अत्याधुनिक अमेरिकी ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए हैं। नीरज बवाना को फिरौती का किंग भी कहा जाता है, जिसमें हत्या, किडनैपिंग, और जबरन उगाही सहित करीब सौ से अधिक मामलों में वॉन्टेड था। इतना ही नहीं, बवाना को राजनीतिक सहायता मिलने के भी सबूत पाए गए थे, जिसमें दिल्ली के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता रामबीर शौकीन पर भी नीरज को संरक्षण देने का आरोप लगाए हैं ।

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Neeraj Bawana को दिल्ली का दाऊद इब्रहीम के नाम से भी जाना  जाता है जिसके पुलिस पिछले कई सालों से तलाशती रही । एक लाख रुपए के ईनामी बदमाश नीरज ने 2004 में पहला कत्ल को अंजाम दिया था। इस खौफनाक जुर्म को अंजाम बवाना ने तब दिया था, जब वो नाबालिग था। कुख्यात डौन अमित भूरा को भी भरी कोर्ट में गोलियां चलाकर भगाने वाला नीरज ही थी । सिर्फ बनाया ही नहीं बल्कि पुलिस की एक-47 राइफल भी लूट कर ले गया था।

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साल 2013 नीरज में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद नीरज बवाना फरार था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने न सिर्फ गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया बल्कि दिल्ली के एक पूर्व विधायक जसवंत राणा से 50 लाख की रंगदारी भी मांगी। नीरज के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के कई कांग्रेसी विधायकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

2014 में नीरज बवाना ने अपने साथियों के साथ मिलकर कुख्यात अमित भूरा को बागपत कोर्ट में गोलीबारी कर छुड़ा ले गया था।  पुलिस की जानकारी के मुताबिक, Neeraj Bawana को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस और उत्तराखंड पुलिस के साथ पिछले कई सालों तक ऑपरेशन किए। लेकिन नीरज बवाना हाथ नहीं लगा। पुलिस के मुताबिक 2015 के पहले नीरज को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली के साथ-साथ कोलकाता, चंडीगढ़, मुंबई और अहमदाबाद सहित कई जगहों और राज्यों में ऑपरेशन चलाया,  लेकिन वो हाथ नहीं लगा।

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पुलिस के अनुसार, Neeraj Bawana ने अपने दुश्मन नवीन बाली की हत्या के लिए अपने दस गुर्गों को रोहिणी कोर्ट मे भेजा था। लेकिन पुलिस मुठभेड़ की वजह से वो हत्या में कामयाब नहीं हो पाया। खुद पुलिस मानती है कि नीरज की गिरफ्तारी उसके लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। यही नहीं नीरज बवाना की मां और भाई को भी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से कारतूस रखने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल गिरोह को गिरफ्तार किया गया है लेकिन अब देखना यह है कि पुलिस कि कारवाई और क्या खुलासे करती है ।

 

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