Cafe Coffee Day के मालिक वीजी सिद्धार्थ का मिला शव

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कैफे कॉफी डे (Cafe Coffee Day) के मालिक वीजी सिद्धार्थ (VG Siddhartha Missing Dead Body Found), जो सोमवार से लापता थे, उनका शव नेत्रावती नदी से बरामद कर लिया है। करीब दो सौ लोगों का दल मेंगलुरु के पास नेत्रावती नदी में उनकी तलाश कर रहा था। इसी नदी के पास से वे लापता हुए थे। कर्नाटक पुलिस समेत कई टीमें उनकी तलाश कर रही थीं। सर्च ऑपरेशन के दौरान उनका भावुक लेटर भी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कर्मचारियों से माफी मांगते हुए कहा था कि सारे वित्तीय लेनदेन के जिम्मेदार वो ही थे।

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पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव (VG Siddhartha Missing Dead Body Found) मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। जहां सिद्धार्थ के कूदने की आशंका जताई जा रही थी वहीँ खोजबीन की, जिसके बाद उनका शव मिल गया। दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, “पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोग नदी के उस इलाके में खोजबीन में लगे हुए हैं जहां सिद्धार्थ के कूदने की आशंका है। ”

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सिद्धार्थ का मिला था भावुक पत्र (VG Siddhartha Missing Dead Body Found)

सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया है। इसमें कर्जदाताओं और प्राइवेट इक्विटी पार्टनर के दबाव का जिक्र है। उन्होंने इसमें लिखा कि मैं हार गया। पत्र में लिखा, “बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा। मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं।

आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे। बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे। यह गलत था जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया। मेरी विनती है कि आप सभी मजबूती से नए मैनेजमेंट के साथ बिजनेस को आगे बढ़ाते रहें। सभी गलतियों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। सभी वित्तीय लेन-देनों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे ट्रांजेक्शंस के बारे में जानकारी नहीं है। कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए। मैंने परिवार या किसी अन्य को इस बारे में नहीं बताया।’’

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पात्र में आगे लिखा, ‘‘मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था। एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट संलग्न कर रहा हूं। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं।”

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