कॉलेजों में कट ऑफ नहीं, कॉमन टेस्ट से मिलेगा दाखिला: HRD मंत्रालय

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आजकल देश में चाहे नौकरी की परीक्षा हो या किसी स्कूल या कॉलेज में दाखिला हो हर जगह कट ऑफ जरूरी है। कट ऑफ एक प्राप्तांक की सीमा होती है जो आपके स्कूल कॉलेज में दाखिले के लिए आपके योग्य होने का सर्टिफिकेट होता है। लेकिन अब कॉलेजो के लिए इस नियम मे बदलाव किया जा रहा है। जिसके अनुसार अब देश के कॉलेजों में एडमिशन के लिए कट ऑफ नहीं कॉमन टेस्ट होगा जिसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) जल्द ही इस प्रस्ताव को लाने वाला है।

जानकारी के अनुसार एचआरडी मंत्रालय (HRD Ministry) के प्रस्ताव में कहा गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ये ‘कॉमन टेस्ट एग्जाम’ आयोजित कराएगी. एनटीए नेट और जेआरएफ की परीक्षा भी आयोजित करा रही है. अभी इस प्रस्ताव पर एक हाई लेवल कमेटी काम कर रही है. एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, कॉमन टेस्ट के फॉर्मेट को मंजूरी मिल चुकी है. नई एजुकेशन पॉलिसी (Education Policy) के ड्राफ्ट में भी इसका जिक्र था.

जानकारों के अनुसार कॉमन टेस्ट होने से बोर्ड में नंबर पाने की अंधी दौड़ कम हो जाएगी. दरअसल, हाल के दिनों में 99% से ज्यादा नंबर आने के ट्रेंड पर सवाल उठे थे. सरकार ने संसद में भी ये माना था की ये एक गंभीर समस्या है, क्योंकि टॉप कॉलेजों की कट-ऑफ इतनी ज्यादा चली जाती है नए होनहार छात्र एडमिशन लेने से अक्सर पीछे रह जाते हैं.
नए प्रस्ताव के मुताबिक़ कॉमन टेस्ट के बाद एक लिस्ट जारी होगी जिसमे कॉलेज अपनी जरूरत के हिसाब से छात्रों को दाखिला देगा।
इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) एजुकेशनल लोन के नियमों में भी बदलाव करने पर विचार कर रही है जिसके अनुसार अब लोन की क़िस्त अब नौकरी मिलने पर ही चुकानी पड़ेगी।

-Mradul tripathi

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