हमले की जांच में खुल रहे बड़े राज

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जम्मू कश्मीर के पुलवामा (pulwama terror attack) में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर अब तक का सबसे बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत के बाद इस आतंकी हमले को लेकर कई बड़ी और छिपी हुई बातें सामने आ रही हैं।

गौरतलब है कि उरी हमले के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है, जिसमें 6 राज्यों के 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं। इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ रही है। हर किसी की जुबान पर बस पाकिस्तान से बदला लेने की मांग है। वहीं भारत सरकार ने भी इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन (most favoured nation) का दर्जा वापस ले लिया है। इस दुखद घड़ी में अमेरिका, रूस और इजरायल जैसे दिग्गज देशों ने भी भारत के प्रति सहानुभूति दिखाई है और भारत के साथ आंतक के खिलाफ लड़ाई में अपनी भागीदारी का ऐलान किया है।

वहीं इस हमले की जांच शुरू हुई तो कई चौकाने वाले खुलासे भी हुए। सूत्रों के मुताबिक़ इस हमले की पूरी साजिश, उरी में हुए हमले की साजिश की तरह ही रची गई थी। मतलब इस हमले को अंजाम दिया जाना पीओके में बैठकर तय किया गया था। यह बात पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) की पनाहगार है। और इस आतंकी संगठन का सरगना अजहर मसूद पाकिस्तान में बैठकर इस हमले की साजिश रच रहा था। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों द्वारा हमले को अंजाम देने के लिए सीआरपीएफ के काफिले को लेकर हाईवे की रेकी की गई थी। वहीं जांच में इस बात का खुलासा किया गया है कि, आतंकियों को CRPF के छोटे से छोटे मूवमेंट की जानकारी पहले से थी। यहां तक कि, काफिला कितने बजे गुजरेगा, उसमें कितने वाहन और जवान होंगे इस बात की पुख्ता जानकारी आतंकियों को थी।

जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने हमले को अंजाम देने के कश्मीर के ही एक युवक, जो कुछ दिन पहले ही संगठन में शामिल हुआ था, को तैयार किया। आदिल अहमद डार नामक युवक को जैश ने आत्मघाती हमलावर के तौर पर तैयार किया और इस हमले को अंजाम दिया। आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से पूरी योजना बनाकर इस हमले को अंजाम दिया। सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि पहले आतंकी भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन फिर उन्होंने सीआरपीएफ के काफिले को अपना निशाना बनाया।

सूत्रों ने खुलासा किया कि आतंकी इस हमले में भारतीय सुरक्षाबलों को ज्यादा से ज्यादा और भारी मात्रा में नुकसान पहुंचना चाहते थे। हमले को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने पहले से जगह भी सुनिश्चित कर रखी थी। जिस जगह को आतंकियों ने हमले ने के लिए चुना था वह चढ़ाई पर एक मोड़ था। सूत्रों ने बताया कि इस हमले को केवल एक ही आतंकी ने अंजाम दिया और यह एक ‘लोन वुल्फ’ अटैक था। इस हमले में आतंकी ने उसी बस को निशाना बनाया जो बुलेट प्रूफ नहीं थी। पहले इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन जांच में 80 किलो आरडीएक्स के इस्तेमाल की बात सामने आई है। अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स वहां पहुंचा कैसे? सूत्रों ने बताया कि हमले के लिए पिछले काफी समय से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में आरडीएक्स जम्मू कश्मीर में जमा किया जा रहा था।

(प्रभात)

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