भारत से गोमांस का व्यापार बंद!

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मोदी सरकार के दुसरे कार्यकाल की शुरुआत होते ही, वे जनता से किये सभी वादों को पूरा करने के लिए जुट गई है। मोदी सरकार ने जैसे अपने पहले कार्यकाल में जनता को कई योजनाओं की सौगात देकर अपना वादा निभाया था। उज्ज्वला योजना की सौगात देकर महिलाओं को चूल्हे के धुंए से बचाया। बेटियों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की। गरीबों के लिए घर बनवाएं और स्वच्छ्ता के लिए भी नए मिशन की शुरुआत की। अब ऐसे ही सरकार फिर से अपने एक वादे को पूरा करने के लिए कार्य कर रही है। कहा जा रहा है कि अब जल्द ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित (Cow Will Be Declared National Animal ) किया जा सकता है।

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 भारत से गोमांस बंद

गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की कई बार मांग (Cow Will Be Declared National Animal ) उठ चुकी है। ये मांगे अदालत तक भी पहुंच चुकी हैं, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया और कोई फैसला भी नहीं सुनाया गया, लेकिन अब सरकार बड़ा फैसला लेकर जनता की यह मांग भी पूरी कर देगी। राष्ट्रीय संत उमाकांतजी महाराज ने भी भारत सरकार से यह प्रार्थना की थी कि जिस देश में गाय को मां कहा जाता है, उसका दूध पीया जाता है, जिस देश में राम और कृष्ण ने भी गौमाता की पूजा की है ऐसी धार्मिक भूमि पर गोहत्या बंद होनी चाहिए और गाय राष्ट्रीय पशु घोषित होना चहिये और यह काम मोदीजी कर सकते हैं।

गाय को यदि राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाएगा तो भारत में गोमांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। जयपुर की चर्चित हिंगोनिया गोशाला को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने ‘गोहत्या के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान’ किए जाने की भी सिफ़ारिश की थी, लेकिन यह फैसला लागू नहीं हो पाया।

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गाय को राष्ट्र पशु घोषित किये जाने के बारे में राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के जज महेश चंद्र शर्मा (Mahesh Chandra Sharma) ने कहा था, “हमने मोर को राष्ट्रीय पक्षी क्यों घोषित किया है। मोर आजीवन ब्रह्मचारी रहता है , इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुग कर गर्भवती होती है। मोर कभी भी मोरनी के साथ संबंध नहीं बनाता।

मोर पंख को भगवान कृष्ण ने इसलिए लगाया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है। साधु संत भी इसलिए मोर पंख का इस्तेमाल करते हैं। मंदिरों में इसलिए मोर पंख लगाया जाता है। ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।”

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हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गाय ही एक ऐसा पशु है, जो वातावरण में ऑक्सीजन उत्सर्जित करती है। गाय के दूध से लेकर गोबर और गोमूत्र में भी औषधीय गुण पाए जाते हैं। कैंसर के इलाज के लिए भी गोमूत्र को कारगार माना जाता है। जिस गाय की रक्षा के लिए भगवान राम राक्षसों से भिड़ गए थे, जिसे सबसे पवित्र माना जाता है, उसे अब जनता की मांग के बाद सरकार को राष्ट्रपशु घोषित करने पर विचार करना ही होगा।

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