पलायन करने वाले लाखों लोगों की समस्या क्या दूर करेगी सरकार

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जब भाजपा(BJP) की सरकार आई थी तब आम लोगों से एक वादा भी किया था कि हम 70 सालांे से इस देश में जो नहीं हुआ वह करके दिखाएंगे। नेहरु(Nehru), इंदिरा गांधी(Indira Gandhi), राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) सहित कई नेताओं पर आरोप लगाए गए थे कि इन्होंने गरीबी मिटाने के लिए कुछ नहीं किया, और इसी लफ्फाजी के चलते आम लोगों ने, ऐसे लोगों ने जिन्हें चुनाव का अर्थ तक नहीं मालूम एक चेहरे को वोट दिया। और वही चेहरा आज हमारे देश के प्रधानमंत्री का है(Corona Virus Migrants)

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जब भाजपा सत्ता में आई थी तब लोगों के मन में कई सपने थे। लोगों को आज भी यही लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री हमारे लिए काम कर रहे हैं। शायद उनकी मेहनत के बावजूद कई काम अधूरे रह गए हैं, इसलिए लोगांे ने उन्हें दूसरी बार मौका दिया।
लेकिन ये लोग शायद आंकड़ों से अछूते रहे। पांच सालों में महंगाई दर, बेरोजगारी की दर, उत्पादन की दर, आर्थिक विकास की दर, राजनीतिक मूल्यों की दर गर्त में जा रही है, लेकिन ये आंकड़े लोगों से छुपाए जा रहे हैं।
अब जब कोरोना वायरस(Corona Virus In India) का कहर पूरे देश में फैला है, तब कई सारे मजदूर, ऐसे लोग जो छोटे गांवों से शहर में काम करने आए हैं, वे अपने घर को पलायन कर रहे हैं। तब सरकार इस भीड़ को नहीं छुपा पा रही है। यह भीड़ भी आंकड़़ा है इस बात का कि सरकार ने गरीबों का कितना भला किया है।
सोचिए एक शहर में पानी पूरी बेचने वाला, रिक्शा चलाने वाला, मजदूरी करने वाला, गड्ढे खोदने वाला, बिल्डिंग में काम करने वाला, शुगर कैंडी बेचने वाला ऐसे कई छोटे लोग रहते हैं। एक दो रुपए के मुनाफे पर ये लोग काम करते हैं, लेकिन आज जब ये 21 दिनों तक घर में रहते तो क्या खाते?
आज सोशल मीडिया पर आप हज़ारों ऐसी तस्वीरें देख सकते हैं, जो अलग-अलग प्रदेशों के हाईवे से आ रही है(Migrant Crisis)। ये लोग पैदल ही हज़ारों किलो मीटर तक का सफर करके अपने घर लौट रहे हैं। और घर भी कौन सा जहां ये कई सालों से नहीं गए हैं। इनका गांव केवल इनके नाम का है, बाकि इनका काम ये उसी शहर में छोड़ आए हैं, जहां से इन्होंने पलायन(Corona Virus Migrants) किया है।
अब क्या इस घर पर इनके भोजन की गारंटी कोई दे सकता है, नहीं, लेकिन इनकी एक उम्मीद है कि अगर यहां बीमारी से इनकी मौत हो भी जाती है, तो इनके कुटुंब के लोग इन्हें संभाल लेंगे। एक लावारिस की तरह इनकी मौत नहीं होगी।

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भारत सरकार की ओर से देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन(PAN India 21 Days Lockdown) की घोषणा किए जाने के बाद दिल्ली और एनसीआर के शहरों में रहने वाले गरीब, मजदूर और प्रवासी लोगों का पलायन जारी है। हालांकि, दिल्ली(Delhi) सरकार ने वादा किया है कि दिल्ली में लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी और सभी को खाना मिलेगा, लेकिन फिर भी लोग दिल्ली छोड़कर जल्द से जल्द अपने गांवों और घरों को पहुंचना चाहते हैं। इसके चलते दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh Border) के बॉर्डरों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

कई ऐसी कहानियां हैं, जो आज के दौर में जब आप सुनेंगे तो आपकी भी आंखें नम हो जाएंगी।

-Rahul Kumar Tiwari

 

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