दिल्ली में CAA को लेकर हिंसक प्रदर्शन में कांस्टेबल की मौत

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आज आखिरकार वही हुआ जिसका इतने दिनों से डर था (Constable Dies In Violent Protest) । इतने दिनों से लोग धमकी दे रहे थे, आरोप लगा रहे थे कि जो लोग शाहीनबाग (Shaheen Bagh)  में प्रदर्शन कर रहे हैं, जाफराबाद में प्रदर्शन कर रहे हैं, वे हिंसा भी कर सकते हैं। दिल्ली के मौजपुर में हालात तनावपूर्ण हैं। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Bill 2019) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग और समर्थक आमने-सामने हो गए। करीब 11 बजे से शुरु हुआ यह हंगामा 2 बजे तक चलता रहा, लेकिन तब तक हिंसा बढ़ चुकी थी। कई घरों में आगजनी की गई। कई वाहन फोड़े गए। हिंसा के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई। वह एसीपी गोकुलपुरी ऑफिस में तैनात थे। सीएए के समर्थक और विरोधी मौजपुर में आपस में भिडे। दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी की। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। हिंसा (Constable Dies In Violent Protest) के दौरान कई वाहनों, दुकानों और घरों में आग लगा दी गई। हिंसा में शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा भी घायल हो गए। उन्हें पटपड़गंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

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इस घटना का एक वीडियो (Constable Dies In Violent Protest) भी सामने आया है, जिसमें एक लड़का हाथ में तमंचा लेकर फायरिंग कर रहा है। वीडियो में मौजपुर से जाफराबाद वाली सड़क पर एक लड़का हाथ में तमंचा लेकर फायरिंग करता हुआ दिखा। लड़का पुलिस के सामने फायरिंग कर रहा था। इस लड़के ने तकरीबन 8 राउंड फायरिंग की। पुलिसवालों ने लड़के को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका और ताबड़तोड़ फायरिंग करता रहा।  सीएए के खिलाफ रविवार को भी कई स्थानों पर हिंसा देखने को मिली थी। दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर और दयालपुर में जो हिंसा हुई उसमें पुलिस ने 4 एफआईआर (FIR) दर्ज की है। इसके साथ ही भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ कल जाफराबाद में भड़काऊ भाषण देने और हिंसा भड़कने के आरोप में जाफराबाद थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई। ये शिकायत कड़कड़डूमा कोर्ट के 6 वकीलों ने दर्ज करवाई है।

उन्होंने (Constable Dies In Violent Protest) कहा था कि ‘‘हम केवल अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप (U.S. President Donald Trump) के जाने तक रुके हैं। इसके बाद यदि आप नहीं उठे तो हम यहां के पुलिसवालों तक की भी नहीं सुनेंगे।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (viral on social media)  भी हुआ था। हिंसा को देखते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने दिल्लीवालों से शांति की अपील की। उन्होंने ट्वीट (Manish Sisodia tweet) कर कहा कि ‘‘सभी दिल्लीवासियों से अपील है कि शांति बनाए रखें। हिंसा में सबका नुकसान है। हिंसा की आग सबको ऐसा नुकसान पहुंचाती है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाती।” इधर, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘‘मेरी सभी से अपील है कि हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलता। हिंसा किसी विवाद का हल नहीं है।दिल्ली का भाईचारा बना रहे इसी में सबकी भलाई है। सीएए समर्थक हों या सीएए विरोधी या कोई भी, हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए।”

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अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार इस हिंसा (Constable Dies In Violent Protest)  का जिम्मेदार है कौन? वह लोग जो बीते कई दिनों से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या उनके पास यह विकल्प नहीं था कि वे प्रदर्शन ही नहीं करते और सीधे हिंसा पर ही आमादा हो जाते। या आज अचानक उन्हें इतने दिनों बाद हिंसा करने की सूझी, जबकि यह विकल्प उनके पास पहले दिन से ही था। या फिर हो सकता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को भड़काने का आज प्रयास किया गया हो, क्योंकि जब हिंसा हुई तब सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाले और समर्थन करने वाले दोनों ही आमने-सामने थे। अब यह जांच पुलिस को करनी चाहिए कि समर्थन करने वाले ही तो कहीं हिंसा की रणनीति बनाकर आज भिडंत करने नहीं पहुंचे थे। गलती चाहे किसी की भी हो हिंसा में नुकसान देश का होता है। इसकी जांच होनी ही चाहिए।

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– Rahul Tiwari

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