अनुच्छेद 370 पर भाजपा के समर्थन में कांग्रेस

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जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) हटा दिया गया है। इसके बाद देश दो अलग-अलग गुटों में बंट गया है। इतना ही नहीं कांग्रेस में भी इस मामले को लेकर फूट हो गई है। कई कांग्रेसी भाजपा के समर्थन में आ गए हैं वहीं कई ऐसे हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं। बीजेपी जहां इस ‘ऐतिहासिक निर्णय’ का जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी अपने ही लोगों से लड़ रही है। वे लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे केंद्र के समर्थन में हैं या नहीं (Jammu & Kashmir Article 370)।

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कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने आर्टिकल 370 (Article 370) को हटाने का विरोध किया है। वहीं युवा कांग्रेसी नेताओं ने मोदी सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने इस फैसले का विरोध उसी सामी किया था जब सदन में जब इस आर्टिकल को पेश किया जा रहा था। उन्होने गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर कहा था कि ये संविधान कि हत्या करने जैसा है (Jammu & Kashmir Article 370)।

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कांग्रेस कार्यसमित के सदस्य दीपेंदर हुड्डा ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का समर्थन किया। उन्होने अपनी पार्टी का विरोध किया और ट्वीट किया, “मेरी व्यक्तिगत राय रही है कि 21वीं सदी में अनुच्छेद 370 का औचित्य नहीं है और इसको हटना चाहिए (Jammu & Kashmir Article 370 )। ऐसा सिर्फ देश की अखंडता के लिए ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर जो हमारे देश का अभिन्न अंग है, के हित में भी है। अब सरकार की यह जिम्मेदारी है कि इसका क्रियान्वयन शांति और विश्वास के वातावरण में हो।”

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युवा कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने भी किया समर्थन

कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने भी मोदी सरकार को अपना समर्थन दिया। उन्होने ट्वीट किया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनुच्छेद 370 को उदार बनाम रूढ़िवादी बहस में तब्दील कर दिया गया। पार्टियों को अपनी विचारधारा से अलग हटकर इस पर बहस करनी चाहिए कि भारत की संप्रभुता और संघवाद, जम्मू-कश्मीर में शांति, कश्मीरी युवाओं को नौकरी और कश्मीरी पंडितों के न्याय के लिए बेहतर क्या है।”

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