Citizenship Amendment Bill 2019 : राज्यसभा में भी बिल हुआ पास

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लोकसभा (Loksabha) में लंबी चर्चा के बाद सोमवार देर रात नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill passed in Rajya Sabha)  पास हो गया। (Citizen Amendment Bill 2019) लोकसभा में पास हो जाने के बाद आज यानी 11 दिसंबर बुधवार को यह बिल राज्यसभा में लाया गया। राज्यसभा में सबसे पहले इस बिल को सिलेक्टेड कमेटी के पास भेजे जाने की मांग उठी। कमेटी के पास भेजे जाने को लेकर राज्यसभा में वोटिंग कराई गई जिसमें यह प्रस्ताव फेल हो गया और बिल को कमेटी के पास भेजे जाने के पक्ष में ज्यादा वोट नहीं पड़े। इसके बाद इस बिल पर फ़ाइनल वोटिंग शुरू हुई। राज्यसभा में फ़ाइनल वोटिंग के दौरान इस बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े जबकि इसके विपक्ष के महज़ 105 वोट ही पड़े। इसके बाद यह बिल राज्यसभा में भी पास हो गया।

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गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में दोपहर को नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill 2019 passed in Rajya Sabha) पेश किया गया। इसके बाद राज्यसभा में इस बिल पर लगभग 8 घंटे बहस चली और आखिर में यह बिल राज्यसभा में भी पास हो गया। नागरिकता संशोधन बिल के राज्यसभा में पास होने के बाद देश भर में जश्न का माहौल है। लोग इस बिल के पास होने की ख़ुशी मना रहे हैं। अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के द्वारा मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन जाएगा।

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गौरतलब है कि लोकसभा (Loksabha) में इस बिल पर 14 घंटे तक बहस चली थी। इस लंबी बहस के बाद देर रात तकरीबन 12 बजकर 4 मिनट पर वोटिंग कराई गई। इस वोटिंग में बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े, जबकि इसके विपक्ष में मात्र 80 वोट ही पड़े। लोकसभा में पास हो जाने के बाद आज इसे राज्यसभा में पेश किया गया। राज्यसभा (Rajya Sabha) में 240 सांसद हैं और 5 सीटें रिक्त है। अगर इस बिल (Citizenship Amendment Bill 2019)को राज्यसभा में पास करना है तो इसके लिए 121 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। वहीं इस बिल के लिए 125 सांसदों का समर्थन पहले से ही प्राप्त था। राज्यसभा में इस बिल पर हुई बहस का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “यह बिल किसी की नागरिकता नहीं छीन रहा है। मेहरबानी करके राजनीति करिए, लेकिन ऐसा करके देश में भेद नहीं खड़ा करना चाहिए। ये संवेदनशील मामले होते हैं और ये जो आग लगती है अपने ही घर को जलाती है।”

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Prabhat Jain

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