Citizenship Amendment Bill आधी रात को लोकसभा में पास, अब राज्यसभा का रुख

0

लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद सोमवार देर रात नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill passed in Lok Sabha)  पास हो गया। ( Citizen Amendment Bill )अब इस बिल को राज्यसभा में पेश करने की तैयारी की जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने (Home Minister Amit Shah) विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देते हुए बिल पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भी अमित शाह के भाषण (Amit Shah’s statement)  की तारीफ की।  अमित शाह ने भी पीएम मोदी का शुक्रिया किया। इस बिल के पक्ष में 311 वोट तथा विपक्ष में 80 वोट पड़े हैं। नागरिकता संशोधन बिल पर बहस के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

आतंक, नक्सल और बलात्कार के लिए नेहरू जिम्मेदार!

बिल पेश करने के दौरान अमित शाह ने कहा कि गर कांग्रेस देश का विभाजन न करती तो मुझे यह बिल लेकर नहीं आना पड़ता। मैं चाहता हूं देश में भ्रम की स्थिति न बने। किसी भी तरीके से ये बिल गैर संवैधानिक नहीं है। न ही ये बिल अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। धर्म के आधार पर ही देश का विभाजन हुआ था। देश का विभाजन धर्म के आधार पर न होता तो अच्छा होता। इसके बाद इस बिल को लेकर आने की जरूरत हुई। 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था, जो कि धरा का धरा रह गया।

2 साल बाद फिर क्यों मिले रामरहीम, हनीप्रीत से

गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि  1947 में पाकिस्तान में 23 फीसदी हिंदू थे लेकिन वहीं साल 2011 में ये आंकड़ा 3.4 फीसदी रह गया। पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए भारत मूकदर्शक नहीं बन सकता। भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी बढ़ी है। यहां हिन्दुओं की आबादी के प्रतिशत में कमी आई है जबकि मुस्लिम आबादी के प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्यचारों पर भारत चुप नहीं रहेगा। ये बिल किसी धर्म के खिलाफ भेदभाव नहीं करता। ये बिल एक सकारात्मक भाव लेकर आया है उन लोगों के लिए जो भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ित हैं। प्रताड़ित शरणार्थी होता है, घुसपैठिया नहीं होता। बिल में संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25 का उल्लंघन नहीं है।

बिल का विरोध

बिल  पास होने के बाद अब उसका विरोध शुरू हो गया है। असम के दीब्रूगढ़ में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन प्रदर्शन कर रहा है। वहीं  नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में नॉर्थ ईस्ट में लगातार प्रदर्शन हो रहे  हैं। कई छात्र संगठनों ने मंगलवार को बंद का ऐलान किया है, ये बंद 12 घंटे तक जारी रहेगा. गुवाहाटी में होने वाले इस प्रदर्शन में NESO अगुवाई कर रहा है।

कांग्रेस के कारण लाया गया ‘नागरिकता संशोधन बिल’

     – Ranjita Pathare 

Share.