छठ पूजा में डूबा देश, गंगा घाटों पर कड़ी की गई सुरक्षा

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छठ पूजा देश भर में बड़ी ही धूम-धाम की जा रही है। भगवान भास्कर की उपासना और भक्ति में पूरा देश डूबा हुआ है। हर तरफ छठ पूजा का उल्लास देखने को मिल रहा है। 4 दिन चलने वाले इस पर्व की शुरुआत 31 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ हुई थी। कल यानी 1 नवंबर को खरना के साथ इसका दूसरा दिन मनाया गया। आज छठ पूजा का तीसरा दिन है। आज शाम को नदी, तालाबों और जलाशयों में भक्तों और व्रतधारियों की भीड़ सूर्य देव को अर्घ्य समर्पित करने उमड़ेगी। आज यानी 2 नवंबर शनिवार की शाम को सूर्यास्त के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। गंगा तट पर भक्तों का तांता लगा रहेगा। हर जलाशय पर आज शाम व्रतधारी अर्घ्य समर्पित करने पहुंचेगे।

वैसे तो छठ पर्व विशेष रूप से बिहार और उत्तरप्रदेश में मनाया जाता है लेकिन अब इसकी धूम पूरे देश में होने लगी है। छठ पर्व को लेकर पूरा बिहार छठी मैया की भक्ति में डूब चुका है। इस समय पूरा बिहार ही भक्तिमय नज़र आ रहा है। छोटी-छोटी गलियों, मुहल्लों से लेकर गंगा के तटों तक भक्तिमय माहौल है और छठ पूजा के पारम्परिक गीत सुनाई दे रहे हैं। इस समय पूरा बिहार और उत्तर प्रदेश छठ पूजा के पारंपरिक गीतों से गूंज रहा है। बिहार की राजधानी पटना की बात की जाए तो यहां की हर गली और बाजार को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। इतना ही नहीं गंगा के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।

राजधानी पटना की छोटी-छोटी गलियों तक की सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। इस व्यवस्था में जहां प्रशासन जुटा हुआ है वहीं खास वर्ग से लेकर आम वर्ग तक के लोग प्रशासन का साथ निभा रहे हैं और साफ़-सफ़ाई की वयस्था को पूरा कर रहे हैं। इस छठ महापर्व पर हर कोई अपनी सामर्थ्य अनुसार हाथ बंटा रहा है। भगवान भास्कर की आराधना के लिए पटना में कई समितियों ने विभिन्न स्थानों पर सूर्यदेव की मूर्ति भी स्थापित की है। वहीं कई पूजा समितियों द्वारा कई स्थानों पर तोरण लगाया गया है और लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। वहीं जिला प्रशासन ने पटना में गंगा के 82 घाटों और 41 तालाबों में व्रतधारियों के लिए सूर्यदेव को अर्घ्य समर्पित करने की व्यवस्था की है। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा पटना के 23 गंगा घाटों को खतरनाक घोषित कर दिया है।

सुरक्षा के लिहाज़ से हर घाट पर सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि हर एक छोटी-बड़ी चीज़ पर प्रशासन नज़र रख सके। खतरनाक घोषित किए गए घाटों पर जहां खतरे का बोर्ड और लाल कपड़ा लगाया गया है वहीं सुरक्षा के लिहाज़ से वहां पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। NDRF की तैनाती सभी घाटों पर की गई है। वहीं चिकित्सा दलों को भी तैनात कर दिया गया है।

Prabhat Jain

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