लेटलतीफी से बचने के लिए किया टाइमिंग में बदलाव

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पिछले कई महीनों से देश के करोड़ों यात्री रेलवे की लेटलतीफी से परेशान हैं| ट्रेन लगातार कई महीनों से लेट चल रही है|| हाल यह है कि कई ट्रेनों ने 24 से 28 घंटे तक लेट होने का रिकॉर्ड ही बना दिया, लेकिन इनको सही समय पर चलाने में नाकाम रेलवे चालाकियों पर उतर आया है| ट्रेनों को सही टाइम पर दिखाने के लिए कई ट्रेनों के गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के टाइम में ही बढ़त कर दी गई है|

वित्त वर्ष 2017-18 की बात करें तो करीब 30 फीसदी ट्रेन लेट ही चली हैं| हाल के दिनों में तो ट्रेनों के नियत समय पर पहुंचने के मामले में 40 फीसदी की गिरावट आई है| लेटलतीफी से शर्मिंदा रेलवे ने ट्रेनों को समयबद्ध करने के लिए मई महीने में 15 दिन का अभियान चलाया, लेकिन ऐसा लगता है कि इसमें नाकाम रहने पर अब रेलवे बाजीगरी का सहारा ले रहा है| रेलवे ने एक साथ 185 ट्रेनों के टाइम-टेबल में बदलाव करने का निर्णय लिया है ताकि उनका समय से पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके|

दक्षिण रेलवे और उत्तर रेलवे ने अपनी ट्रेनों के टाइम को एक घंटा तक बढ़ा दिया है|  उत्तर रेलवे ने अपने 95 ट्रेनों के अराइवल टाइम में 30 से 60 फीसदी की बढ़त की है| उत्तर रेलवे में अंबाला, दिल्ली, फिरोजपुर, लखनऊ और मुरादाबाद डिवीजन आते हैं| इसी तरह छह रेलवे डिवीजन वाले दक्षिण रेलवे ने 90 ट्रेनों की यात्रा का समय 30 मिनट से एक घंटे तक बढ़ा दी है| वहीं रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि देशभर में बड़े पैमाने पर हो रहे मरम्मत कार्य की वजह से ट्रेनें लेट हो रही हैं इसलिए रेलवे ने ट्रेनों के अराइवल टाइम में बढ़त करने का निर्णय लिया है|

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