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चंद्रयान -3 से चांद पर उतरने के लिए फिर ISRO तैयार

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बेंगलुरु – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बीते सितंबर माह की 7 तारीख को चांद की सतह पर लैंडर विक्रम (Lander vikram) की “सॉफ्ट लैंडिंग (Soft Landing)” का प्रयास किया था। हालांकि इसमें ISRO को सफलता प्राप्त नहीं हो सकी थी और आखिरी क्षणों में इसरो का लैंडर विक्रम (Lander vikram) से संपर्क टूट गया था। संपर्क टूट जाने के बाद अथक प्रयास और परिश्रम के बावजूद आज तक लैंडर विक्रम (Lander vikram) से संपर्क स्थापित नहीं हो सका। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की मदद के लिए और विक्रम लैंडर का पता लगाने के लिए अमरीकी स्पेस एजेंसी NASA ने भी प्रयास किया लेकिन इसमें सफलता हासिल नहीं हो सकी। जब आखिरी क्षणों में लैंडर विक्रम (Lander vikram) का संपर्क इसरो से टूटा और वैज्ञानिकों के चेहरों पर उदासी छा गई। सभी चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) मिशन के फेल हो जाने से हताश थे तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह एक प्रयास था जो सफल नहीं हो सका लेकिन इसरो एक बार फिर प्रयास करेगा और सफल भी होगा।

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गौरतलब है कि चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) की विफलता के बाद एक बार फिर से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग (Soft Landing)’ की तैयारी कर ली है। मिशन चंद्रयान 3 (Chandrayaan 3 ISRO) अगले साल नवंबर माह में चांद के लिए भेजा जा सकता है। दरअसल इसरो ने गुरुवार को कहा कि अगले साल नवंबर माह में एक बार फिर से चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग (Soft Landing)’ का प्रयास किया जा सकता है। बता दें कि चंद्रयान 3 पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति का गठन तिरुवनंतपुरम स्थित ‘विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र’ के निदेशक एस सोमनाथ के नेतृत्व में की गई थी।

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गौरतलब है कि ‘विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र’ सभी प्रक्षेपण यान कार्यक्रमों का दायित्व संभालने वाला सबसे अग्रणी केंद्र है। ISRO के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। अधिकारी ने यह भी बताया कि अगले साल के अंत से पहले तक समिति को इस चंद्रयान -3 (Chandrayaan 3 ISRO) मिशन की तैयारी के सभी जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले साल नवंबर माह में प्रेक्षपण का उचित समय है। वहीं एक सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार इस बार ISRO रोवर, लैंडर और लैंडिंग अभियानों पर अधिक ध्यान देगा और पूरी सावधानी रखेगा। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार इस बार चंद्रयान 2 (Chandrayaan-2) की सभी खामियों को ठीक किया जाएगा ताकि वही गलती न दोहराई जाए।

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Prabhat Jain

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