एससी-एसटी एक्ट पर केंद्र की दलीलें

0

देश में जब से सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर फैसला सुनाया, तब से हिंसात्मक घटनाओं में वृद्धि हो गई| एससी-एसटी एक्ट के कारण भाजपा और कांग्रेस भी एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं| गुरुवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आदेश वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश कानून का उल्लंघन है, इसलिए इसे वापस लेने की आवश्यकता है|

केंद्र सरकार ने जनहित में एक याचिका भी दायर की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के फैसले के कारण ही देश को भारी नुकसान पहुंचा है इसलिए कोर्ट अपना फैसला वापस ले ले, नहीं तो भविष्य में नुकसान हो सकता है|

इसके पहले कोर्ट ने केंद्र द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था, “हम एससी-एसटी एक्‍ट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी बेकसूर को सजा नहीं मिलनी चाहिए|” इसके बाद अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था, “फैसले से एससी-एसटी कानून कमजोर हुआ है| इस वर्ग के लोग सैकड़ों वर्षों से सताए हुए हैं| कोर्ट के आदेश में तत्काल एफआईआर पर रोक लगाई गई है, ऐसे में पुलिस मामले टालने लगेगी| केस दर्ज ही नहीं होंगे|”

वहीं कोर्ट की ओर से कहा गया है कि इस फैसले से कानून कमजोर नहीं हुआ है, बल्कि बेगुनाहों को संरक्षित किया गया है| कोर्ट की सोच है कि लोग इस कानून से आतंकित न हों और निर्दोष सलाखों के पीछे न जाएं|

Share.