नहीं दिखा सकते अविश्‍वास..

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सुप्रीम कोर्ट के जजों के बवाल के बाद कोर्ट में बेंचों के गठन और उनके अधिकार क्षेत्र को लेकर पारदर्शिता और नियम बनाने के लिए याचिका दायर की गई थी| अब इस याचिका को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा है कि चीफ जस्टिस संस्थान के सर्वोच्च पद पर रहते हैं और उन पर अविश्वास नहीं दिखाया जा सकता है|

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि चीफ जस्टिस को केस आवंटन का पूर्ण अधिकार होता है, इससे संबंधित फैसला वे ले सकते हैं| सिर्फ आशंका के आधार पर चीफ जस्टिस के अधिकारों पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है| सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि यह याचिका स्कैंडलस है, संविधान ने चीफ जस्टिस पर सुप्रीम कोर्ट का कामकाज चलाने के लिए भरोसा किया है, इसलिए यह याचिका ख़ारिज होती है|

गौरतलब है कि यह याचिका वकील अशोक पांडे ने दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि सर्वोच्च न्यायालय में विभिन्न पीठों के गठन और अधिकार क्षेत्र के आवंटन के लिए तथा एक निर्धारित प्रक्रिया तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा रजिस्ट्रार को आदेश दिया जाए| याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच में चीफ जस्टिस और दो वरिष्ठ जज हों वहीं संविधान पीठ में 5 सबसे वरिष्ठ जज हों या तीन सबसे वरिष्ठ और दो सबसे जूनियर जज हों|

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