बुराड़ी कांड : 11 शवों के पीछे कई राज़ दफ़न

1

देश की राजधानी दिल्ली में दिल दहला देने वाली घटना से पूरा देश सकते में है| एक साथ 11 लोगों के शव मिलने के बाद से कई कयास लगाए जा रहे हैं| किसी का कहना है कि मामला आत्महत्या का है वहीं लाशों के हाथ-पैर और मुंह बंधा होने के कारण कई लोग इसे हत्या भी मान रहे हैं| अब इस मामले में पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा है|

दिल्ली के संतनगर में रविवार सुबह एक परिवार के 11 सदस्य संदिग्ध हालत में घर में मृत मिले| इनमें सात महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं| 10 शव हॉल में फंदे पर लटके थे, जबकि एक वृद्धा का शव अंदर कमरे में पड़ा मिला| इस मामले की कमान क्राइम ब्रांच के हाथों में है| जांच में एक रजिस्टर मिला, जिसमें आलौकिक शक्तियां, मोक्ष के लिए मौत ही एक द्वार और आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबोगरीब बातें लिखी हुई हैं| रजिस्टर में लिखा है कि मोक्ष प्राप्त करना है तो जीवन त्यागना होगा और मौत को गले लगाना होगा| 26 जून को आखिरी बार इस रजिस्टर में लिखा गया था कि यदि हमें 30 जून को परमात्मा से मिलना है तो हम सब हाथ-पैर और मुंह पूरी तरह बांधेंगे ताकि किसी की आवाज सुन न सकें|

मृतकों में नौवीं कक्षा में पढ़ रहे 15-15 साल के धीरू भाटिया और जतिन भाटिया भी शामिल थे| बच्चों के एक दोस्त जतिन ने बताया कि मैंने उन दोनों को रात को खेलते हुए देखा था, भुवनेश अंकल उन्हें देखकर खुश हो रहे थे| यह विश्वास करना मुश्किल है कि वे अब हमारे बीच नहीं हैं|

पुलिस ने बताया कि सभी लोगों के मोबाइल मंदिर के पास एक पॉलिथीन में बंधे मिले| रजिस्टर में लिखा है कि सभी को अपने-अपने हाथ-पैर खुद बांधने होंगे| हां, हाथ-पैर खोलने के लिए हम लोग एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं| माताजी बहुत बुजुर्ग हैं इसलिए वे साधना करने के लिए स्टूल पर नहीं चढ़ पाएंगी और न ही बहुत अधिक देर तक उस पर खड़ी रह पाएंगी, ऐसे में उन्हें दूसरे कमरे में साधना करवानी होगी| पुलिस इस रजिस्टर की लिखावट का मिलान कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि यह हत्या है या आत्महत्या|

Share.