अगर अनिल अंबानी ने 7 अरब नहीं चुकाए तो…

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बंटवारा मुल्क का हो, घर का हो या जायदाद का, हमेशा भविष्य में दुखदाई ही होता है। ऐसा ही कुछ अभी अंबानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars) परिवार के साथ भी हो रहा है। धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) ने जिस मेहनत, लगन और जुनून के साथ रिलायंस इंडस्ट्री को देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में से एक बनाया, उनके निधन के बाद दोनों बेटे मुकेश और अनिल अंबानी में, कम्पनी की बागडोर हाथ में लेने को लेकर विवाद हो गया। ऐसा माना जाता है कि अनिल और मुकेश दोनों ही ने अपनी मां कोकिला बेन से जायदाद के बंटवारे की बात कही। हुआ भी यही रिलायंस (Reliance) का साम्राज्य दो भागों में बट गया। एक के मालिक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और दूसरे के मालिक अनिल अंबानी (Anil Ambani) ।

अनिल अंबानी ने वापस लिया 5 हजार करोड़ का मानहानि का केस

मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की तो बंटवारे के बाद किस्मत चमक गई उनकी कम्पनी दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की करती गई और कुछ ही सालों में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani)  दुनिया के 13वे सबसे अमीर और एशिया के सबसे बड़े धनकुबेर बन गए, लेकिन अनिल अंबानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars) की गाड़ी घाटे की तरफ चली गई। कम्पनी पर बैंक क़र्ज़ का बोझ दिनों दिन बढ़ने लगा, क़र्ज़ वापस लेने के लिए बैंक अब अनिल अम्बानी को कोर्ट तक घसीट लाए हैं और अब हालात इतने बदतर हो गए कि अनिल खुद को दिवालिया बताने पर मजबूर हो गए हैं। बात यहीं पर ख़त्म हो जाती तो कोई बात नहीं थी लेकिन उनकी बदकिस्मती ये है की कोर्ट उन्हें दिवालिया मानने को भी तैयार नहीं है। दरअसल भारत के धन कुबेर मुकेश अंबानी के अनुज अनिल अंबानी पर ब्रिटेन की अदालत में केस चल रहा है। ये केस लगाने वाले चाइना (China) के तीन सबसे बड़े बैंक हैं जिनकी तरफ से अनिल अम्बानी के ख़िलाफ़ केस किया गया है। 7 फरवरी को ब्रिटेन की कोर्ट (British Court) में सुनवाई के दौरान अदालत ने छोटे अम्बानी (Anil Ambani) को आदेश दिया कि वे छह सप्ताह में 7 अरब 15 करोड़ 16 लाख रुपए, जो अमरीकी करंसी में 10 करोड़ डॉलर के बराबर हैं उसे कोर्ट में जमा करें।

अनिल को मिली थी फ्रांस से 1052 करोड़ की रिश्वत !

आपको बता दें कि अनिल अम्बानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars)  के वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया था कि अनिल अम्बानी व्यापारिक घाटे के कारण दीवालिया हो गए हैं इसलिए वे चाइना की बैंकों का कर्ज नहीं चुका सकते।  तब कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने भारत में दीवालिया घोषित होने के लिए निर्धारित प्रक्रिया या आवेदन दिया है। इस पर वकीलों ने ‘न’ में अपना जवाब दिया। अब बारी चाइना के बैंक के वकीलों की थी उन्होंने अनिल अम्बानी और उनके वकीलों पर जमकर सवाल दागे। इतना ही नहीं उन्होंने कोर्ट को अनिल अम्बानी की शाही जिंदगी और सम्पत्ति के विवरण का ब्यौरा भी दिया। बैंकों के वकील ने पूछा कि अगर अनिल दीवालिया हो गए हैं और उनकी हालत एक दम दयनीय है तो वे अपने वकीलों की फीस देने की व्यवस्था कैसे कर रहे हैं। जो लगभग 5 करोड़ रुपए प्रति सुनवाई होती है वो कहा से लाते हैं। बैंकों के वकील ने अंबानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars)  की दिनचर्या के बारे में भी बताते हुए कहा की खुद को दिवालिया बताने वाले अनिल के पास अकूत सम्पदा है और वो आज भी शाही जिंदगी ही जी रहे हैं। उनके पास 11 लग्जरी कारें, एक प्राइवेट जेट, यॉट और साउथ मुंबई के सीविंड पेंटहाउस में रेंट-फ्री एक्सेस है।

दोनों वकीलों की बात सुनने के बात अदालत ने अनिल अम्बानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars) के विरोध में निर्देश देते हुए कहा कि अनिल अम्बानी के वकीलों द्वारा दी गई दलीलों में पारदर्शिता और स्पष्टता की कमी हैं इसलिए कोर्ट का आदेश है की अनिल छह सप्ताह में, ये रकम कोर्ट में जमा करवाए। चीन के तीन बैंकों- इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial and Commercial Bank of China) , चाइना डेवलपमेंट बैंक  (China Development Bank) और एग्जिम बैंक ऑफ चाइना (Exim Bank Of China) ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) से लगभग 48 अरब 63 करोड़ 88 लाख रुपये यानी 68 करोड़ डॉलर की वसूली के लिए कोर्ट की शरण ली हैं। अब इसे किस्मत कहिए या कर्म का विधान जिस अनिल अम्बानी (Anil Ambani To Deposit 10 Crore Dollars)  के सगे बड़े भाई मुकेश अम्बानी की दौलत 3 लाख 80 हज़ार 700 करोड़ रूपए है उस मुकेश अम्बानी (Mukesh Ambani) के छोटे भाई की नेटवर्थ आज शून्य हो गई है। और वो कोर्ट के चक्कर पे चक्कर लगा रहे हैं कि उन्ं ु क़र्ज़ माफ़ी दी जाए। पर विडंबना ये है कि कोर्ट से भी उन्हें रहत नहीं मिल रही है और अब छह सप्ताह में 7 अरब 15 करोड़ 16 लाख रुपये यानी लगभग 10 करोड़ अमेरिकन डॉलर का भुगतान करना ही होगा।

APRIL 9, 2019

अनिल अम्बानी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप?

Prabhat Jain

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