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महाराष्ट्र में अभी भी ऐसे बन सकती है सरकार

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन (President’s rule in Maharashtra ) के लगते ही सभी दलों का पहला प्लान तो विफल हो गया, लेकिन इसके बाद ही ‘प्लान-B’ के लिए चर्चा तेज हो गई है। पहले तो भाजपा हार मानकर चुप-चाप बैठा गई थी और शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस (Shiv Sena-NCP-Congress ) के बीच की सियासी उथल-पुथल का लुफ़्त उठा रही थी, लेकिन राष्ट्रपति शासन लगते ही बीजेपी भी अब सक्रिय हो गई है और अपने ‘प्लान बी’ पर काम करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के सियासी जगत में मचे भूचाल के बीच  कयासों का दौर शुरू हो गया है। सत्ता के गणित में लगातार बदलाव हो रहा है।

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किसका तैयार है ‘प्लान-B’ ?

नई सरकार बनाने के लिए कौन सा दल किसके साथ है यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। कई लोगों ने तो यह तक कह दिया है कि सरकार बनाने के लिए बीजेपी (BJP) एनसीपी (NCP) का हाथ भी थाम सकती है, लेकिन शायद यह असंभव होगा, पर जैसा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) बोल चुके हैं कि राजनीति में सब कुछ संभव है, जैसे वे अपनी विरोधी विचारधारा अखने वाली पार्टी के साथ सत्ता के लिए साथ आ सकते हैं तो शायद यह भी असंभव हो सकता है।

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सत्ता के लिए शर्त

एनसीपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एनसीपी के विधायकों की संख्या शिवसेना से मात्र दो कम है। शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनसीपी को 54 सीटें हासिल हुईं थी। इसीलिए वे सत्ता में बराबरी का हक मांग रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के साथ राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों दल विचार- विमर्श कर एक आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे कि यदि शिवसेना को समर्थन देना है तो नीतियां और कार्यक्रमों की रूपरेखा कैसी होनी चाहिए।कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि तीनों दलों के बीच साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय हुए बगैर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता और साझा कार्यक्रम के पहले शिवसेना यदि सारी शर्ते मानती है तो ही राज्य में आगे कुछ हो पाएगा।

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शिवसेना और बीजेपी के अलग होने के बाद राज्य में बने हालत

शिवसेना (56) + एनसीपी (54) +कांग्रेस (44) = 154 (बहुमत से 9 ज्यादा )

एनसीपी (54) + कांग्रेस (44) = 98 (बहुमत से 47 कम )

भाजपा (105) + निर्दलीय (7 ) = 112 (बहुमत से 33 कम )

बहुमत के लिए 288 सीटों मे 145 सीट जरूरी है, ये आंकड़े तभी हासिल किए जा सकते हैं जब या तो बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन हो या फिर शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस साथ आए। इसके अलावा सारे रास्ते बंद है।

    – Ranjita Pathare 

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