महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार! बीजेपी ने ठुकराया शिवसेना का 50-50 फॉर्मूला

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भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party ) और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) के बीच में तकरार बढ़ती ही जा रही है। अब भाजपा और शिवसेना दोनों अपनी वर्षों पुरानी मित्रता भूलकर एक दूसरे के खिलाफ हो गई है। महाराष्‍ट्र (Maharashtra ) में शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले (50-50 formulas of Shiv Sena ) को मानने से भाजपा ने साफ इंकार कर दिया है। वहीं शिवसेना अभी भी अपनी ही शर्तों पर अड़ी है। अब इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra CM Devendra Fadnavis)  का बयान सामने आया है।

भाजपा की ही बनेगी महाराष्ट्र में सरकार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा कि ही सरकार बनने वाली है और वो भी बिना शिवसेना की शर्तों को माने बिना। वहीं मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना के साथ मुख्‍यमंत्री पद साझा करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। यही नहीं उन्‍होंने यह भी दावा किया कि भाजपा को 10 निर्दलीय विधायकों को समर्थन मिल गया है। उम्‍मीद है कि पांच और विधायक भाजपा के साथ आ जाएंगे। सरकार गठन को लेकर शिवसेना की ओर से अभी तक कोई मांग नहीं की गई है। यदि शिवसेना ने कोई मांग रखी तो हम उस पर मेरिट के आधार पर फैसला लेंगे।

भाजपा के साथ निर्दलीय

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra CM Devendra Fadnavis)  का कहना है कि भाजपा को 10 नि‍र्दलीय वि‍धायकों ने समर्थन दिया है और पाँच विधायक समर्थन दे सकते हैं। हमें उम्‍मीद है कि और पांच निर्दलीय विधायक हमारा समर्थन करेंगे। भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना की दबाव की राजनीति के सामने नहीं झुकेगी। महाराष्‍ट्र में पिछली विधानसभा का कार्यकाल आठ नवंबर को खत्‍म हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन होना है।

क्या है शिवसेना का 50-50 फॉर्मूला

शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले के अनुसार भाजपा और शिवसेना दोनों पार्टियों के बराबर मंत्री बनना चाहिए। इसी के साथ मुख्यमंत्री भी ढाई-ढाई साल तक दोनों पार्टियों का होना चाहिए।   शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कह चुके हैं कि यदि ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पर भाजपा सहमत नहीं बनी तो उनके पास दूसरे विकल्प भी हैं।

     – Ranjita Pathare

 

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