website counter widget

मोदी की सेना के बलात्कारी नेता ! कैसे सुरक्षित रहेगा देश ?

0

देश में बलात्कार के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, महिलाएं बच्चियां और यहाँ तक की मासूम लड़के भी वहशियों के कुकृत्य से नहीं बच पा रहे हैं। हम आवाज़ उठाते हैं कि ऐसे मामलों पर रोक लगे, सरकार कोई सख्त कार्रवाई करें, दुष्कर्मियों को फांसी हो, लेकिन ये सब कैसे हो सकता है जब जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ( BJP Rapist Leader List 2019 ) ही ऐसे लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहे हैं।

तोड़फोड़ के विरोध में कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी भारी जीत हासिल हुई, जिसके बाद ऐसा लग रहा है कि पार्टी के नेताओं को गलत काम करने की खुली छूट मिल गई है ! मोदी सरकार के कई नेता बलात्कारी हैं ! वे अपने शरीर की भूख मिटाने के लिए बच्चियों के साथ-साथ लड़कों को शिकार बना रहे हैं। जब हमारे रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर मासूम कहां जाए, न्याय की गुहार किसके सामने लगाए ? ये सवाल अब तेजी से उठने लगा है।

BJP Rapist Leader List 2019 :

उज्जैन के भाजपा नेता एवं संभागीय संगठन महामंत्री प्रदीप जोशी ( Madhya Pradesh Bjp Leader Pradeep Joshi ) की अश्लीलता का मामला जग जाहिर हो चुका है। अश्लील वीडियो और युवक के साथ अश्लील चैटिंग करने के मामले के सामने आने के बाद फिर वही सवाल उठने लगा कि क्या भाजपा में सारे दरिंदे ही बैठे हैं। आये दिन ऐसे कई मामले सामने आये हैं, जिसमें भाजपा मोदी के नेताओं ने पार्टी को शर्मसार किया है।

बलात्कार के बाद नरबलि का शिकार मासूम!

BJP leader Pradeep Joshi Sex Video With Boy :

प्रदीप जोशी के बारे में कहा जा रहा है कि उसने एक लड़के से साथ कुकृत्य किया, उसके बाद बदनामी से बचने के लिए लड़के की हत्या कर दी, लेकिन मामले का खुलासा उस वक्त हो गया जब प्रदीप जोशी और पीड़ित लड़के की चैट और वीडियो वायरल हो गए। आरोप तो ये भी लग रहे हैं कि प्रदीप जोशी केवल लड़कों के साथ ही शर्मनाक हरकत करने के शौक़ीन नहीं हैं, वे कई मासूम लड़कियों और महिलाओं के साथ भी ऐसा कर चुके हैं, जिनके बारे में खुलासा करने के लिए जांच की जा रही है।

प्रदीप जोशी के जैसे ही मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री राघवजी के काले कारनामे का खुलासा 79 की उम्र में हुआ था। एक नकली आँख, डायबिटीज का शिकार, दिल का मरीज, जिसके दिल को चलाते रखने के लिए कुछ साल पहले स्टेंट डाला गया हो, बूढ़ा भाजपा नेता, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता कि वह अच्छे चल भी पाता हो, उसने भी अपनी हवस को शांत करने के लिए स्त्री-पुरुष के भेद तक को भुला दिया था और अपने ही नौकर के साथ अय्याशी करते पकड़ा गया था।

इस मामले में भी जब नेता की 22 सेक्स सीडी सामने आई तो सभी भौंचक्का रह गए थे, मामले के जग जाहिर हो जाने के बाद भाजपा ने नेता को पार्टी से बाहर धकेल दिया था जैसे अभी प्रदीप जोशी को किया है।

योगीराज में कैसे हो गई 35 गायों की मौत ?

भाजपा नेता ने किया था बेटी के साथ बलात्कार

यह कोई पहला या दूसरा मामला नहीं है जब भाजपा के नेताओं की अश्लीलता और उनके कुकर्मों का खुलासा हुआ हो। पिछले साल गुजरात बीजेपी उपाध्यक्ष जयंती भानुशाली के बारे में भी खुलासा हुआ था कि उसने अपने पद के दम पर एक लड़की को हवस का शिकार बनाया, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि इस मामले में रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने गुजरात हाईकोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा है कि वह इस केस में आगे जांच नहीं चाहती, शायद उसने ऐसा भाजपा नेता के डर से या फिर न्याय न मिल पाने की आशंका और अदालत में खुद को बदनामी के भय से किया होगा, लेकिन बड़ी बात है कि इस मामले के सामने आने के बाद भी पार्टी ने नेता को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया।

इसके पहले दिल्ली के राज कुमार, नेता डॉक्टर पीयूष सक्सेना, भाजपा नेता जयेश पटेल जैसे भी कई नेताओ पर दुष्कर्म के आरोप लग चुके हैं। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मामला तो वर्ष 2009 में सामने आया था जब मुंबई के तात्कालिक अजनाला भाजपा इकाई के महासचिव अशोक तनेजा पर अपनी ही बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। बेटी ने ही अपने पिता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था और बताया था कि पिछले आठ सालों पिता उसके साथ कुकृत्य कर रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि केवल भाजपा के नेताओं की ही रंगरलियों का खुलासा हुआ हो या भाजपा के नेता ही दुष्कर्मी और अन्य पार्टी के नेता दूध से धुले हुए हो। भाजपा के साथ ही कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं को भी शर्मनाक काले कारनामों का खुलासा हो चुका है। कांग्रेस नेताओं में कपूर पुनिया, अलवर के नीलेश खंडेलवाल जैसे कई दुष्कर्मी नेताओं के नाम भी  सामने आ चुके हैं।

जब हमारे देश के प्रतिनिधि ही, जिन्हे जनता द्वारा चुना जाता है, वे भी दरिंदगी पर उतर जाए तो देश का क्या होगा। ऊपर बताये गए सारे मामलों की चर्चा प्रदीप जोशी काण्ड के बाद फिर सोशल मीडिया पर होने लगी है। भाजपा हो या अन्य पार्टियां दुष्कर्मी नेताओं को तब पार्टी से बाहर निकालती है जब मामला ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन कई बार ऐसे मामले बड़ा लिए जाते हैं, जिनकी भनक पार्टी के आलाकमान को होते हुए भी वे कोई कार्रवाई नहीं करते, जिससे ऐसे नेताओं के नापाक इरादों को और बल मिलता है।

Summary
Review Date
Author Rating
51star1star1star1star1star
ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.