भाजपा की बढ़ सकती हैं मुसीबतें

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सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर पूरे देश में दलितों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है| दलित भारत बंद करवाने से साथ ही भगवानों का अपमान करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं| कई जगह हुए उग्र प्रदर्शनों में अब तक 11 लोगों की जान चली गई है|

अब इस तनाव भरे माहौल में विपक्ष भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आ रहा है| सभी विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए तंज कस रही हैं| यह भी कहा जा रहा है कि विपक्षी पार्टियां दलितों के इस प्रदर्शन को कर्नाटक चुनाव में भाजपा के खिलाफ हथियार बनाकर उपयोग कर सकती हैं|

बताया जा रहा है कि विपक्ष द्वारा दलितों को यह बात बताई जा रही है कि भाजपा एससी-एसटी एक्ट में छेड़छाड़ कर रही है| इस मामले में कर्नाटक के केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने संविधान में बदलाव की बात कही तो विपक्ष ने इस बयान को दलितों का अपमान बताया|

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “भारतीय समाज में दलितों को निचले पायदान पर रखना आरएसएस और भाजपा के डीएनए में है| इसे चुनौती देने वालों को हिंसा के दम पर दबाया जाता है|”

इसके बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दलितों के प्रदर्शन के बारे में कहा, “मुझे बेहद हैरानी और दुख है कि मेरे कुछ दलित भाइयों और बहनों की मौत हो गई है और कुछ लोग घायल हुए हैं| हम उनका समर्थन करते हैं| मैं सभी दलित भाइयों से शांति की अपील करती हूं|”

वहीं विपक्षी पार्टियों के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा, “आखिर राजनीतिक दल इसमें हिस्सा क्यों ले रहे हैं| सुप्रीम कोर्ट के आदेश समुदाय के लिए झटके की तरह है और सरकार इस पर रिव्यू पीटिशन भी डाल चुकी है|” उन्होंने आगे कहा कि सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है|

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