अब भारतीय सेना के सामने ये बड़ी चुनौतियां

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पवित्र माह रमजान के समाप्त होने के साथ ही सेना का  सीज़फायर भी समाप्त हुआ| इसके बाद अब भारतीय सैनिकों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं क्योंकि रमजान माह में सरकार द्वारा सेना पर लगाया गया प्रतिबंध अब हट चुका है|

गौरतलब है कि रमजान माह में शांति के मकसद से गृह मंत्रालय ने सीज़फायर की  इस कोशिश को आगे बढ़ाया था, लेकिन उस पर आतंकियों ने अपने नापाक मंसूबों से पानी फेर दिया| 17 मई से 14 जून के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 62 आतंकी घटनाएं हुईं| इस समय काश्मीर में हालात बहुत खराब बने हुए हैं, ऐसे में सेना के सामने ये तीन बड़ी जिम्मेदारियां होंगी|

अमरनाथ यात्रा संपन्न करवाना

28 जून से अमरनाथ यात्रा प्रारंभ होने वाली है| इस पर आतंकवादियों की हमेशा पैनी नज़र रहती है| सूत्रों के मुताबिक़, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के करीब 450 पाकिस्तानी आतंकी सीमा पार अमरनाथ यात्रा को अपना निशाना बनाने के लिए तैयार बैठे हैं| ऐसे में इस यात्रा को सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाना सेना के सामने एक चुनौती है|

आम नागरिकों की सुरक्षा

काश्मीर में अब आतंकवादियों  ने आम नागरिकों को भी निशाना बनाना प्रारंभ कर दिया है| हाल ही में पत्रकार शुजात बुखारी सहित कई लोगों की जानें गई हैं, ऐसे में सेना के सामने यह चुनौती है कि वह काश्मीर में रहने वाले आम नागरिकों की रक्षा करे|

सीमा की सुरक्षा

पाकिस्तानी सेना लगातार सीमा पार करने की कोशिश कर रही है, जिस कारण कई बार वहां से लोगों को पलायन भी करना पड़ा है, ऐसे में सीमा की सुरक्षा करना भी सेना की एक बड़ी जिम्मेदारी है|

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