ईद मनाने के पीछे यह है मान्यता…

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आज बाज़ारों में रौनक छा गई है, मस्जिदें और दरगाहें उल्लास से सराबोर हो रही हैं| कल रात को चांद दिखने के बाद से ही एक-दूसरे को बधाई देने  का सिलसिला प्रारंभ हो गया है| बच्चों से लेकर बूढ़ों तक ने नए वस्त्र धारण कर लिए हैं| हर तरफ दुआओं के लिए हाथ उठ रहे हैं और इसी के साथ पाक माह रमजान में चलने वाले रोज़े भी खत्म हो रहे हैं|

गौरतलब है कि इस वर्ष की मीठी ईद 16 जून को अर्थात आज मनाई जा रही है| सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का सिलसिला जारी है| साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी देशवासियों को मीठी ईद की मुबारकबाद दी है| इस अवसर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा कमलनाथ भी अपना आपसी द्वेष भुलाकर एक मंच पर नजर आए|

मीठी ईद मनाने के पीछे एक प्रमुख मान्यता है कि इस दिन पैगम्बर हजरत मोहम्मद ने बद्र के युद्ध में विजय हासिल की थी| माना जाता है कि पहली बार ईद उल-फितर  624 ईस्वी में मनाई गई थी| इस दिन मीठे पकवान बनाए और खाए जाते हैं|  अपने से छोटों को ईदी दी जाती है तथा  दान देकर अल्लाह को याद किया जाता है| इस दान को इस्लाम में फितरा कहते हैं| मीठी रमजान माह के एक महीने बाद मनाई जाती है तथा बकरीद रमजान माह के 70 दिन बाद मनाई जाती है|

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