website counter widget

Ayodhya Terror Attack Verdict : अयोध्या मामले में आ गया फैसला

0

5 जुलाई 2005 को अयोध्या (Ayodhya) में हुए आतंकी हमले (Ayodhya Terror Attack Verdict) के बाद आज यानी लगभग 14 साल बाद सज़ा का ऐलान किया गया है। इस मामले में 4 दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। वहीँ एक को बरी कर दिया गया। अयोध्या आतंकी हमले पर फैसला (Ayodhya terror attack verdict) प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में सुनाया गया।

चमकी बुखार से दम तोड़ते मासूम और फिसलती नेताओं की ज़ुबान

सेंट्रल जेल नैनी में बंद मोहम्मद अजीज को साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त किया गया, जबकि अन्य आरोपी डॉ इरफान, मोहम्मद शकील, मोहम्मद नफीस, आसिफ इकबाल उर्फ फारूक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही चारों के ऊपर ढाई लाख का जुर्माना लगाया गया है।

Ayodhya Terror Attack Verdict Live :

जय श्रीराम के नारे पर ओवैसी ने याद दिलाई बच्चों की मौत

इश्क में धोखा और फेसबुक लाइव पर सुसाइड

इस मामले को आठ दिसंबर 2006 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर फैजाबाद से प्रयागराज ट्रांसफर कर दिया गया था। प्रयागराज डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के स्पेशल जज अतुल कुमार गुप्ता ने मामले पर फैसला सूना देने के बाद फैसला वापस ले लिया था। विवाद को देखते हुए  फैसले से पहले ही अयोध्या में हाइअलर्ट जारी कर दिया गया था। फैसले को देखते हुए अयोध्या और फैजाबाद में होटलों, ढाबों, धर्मशाला, सराय और गेस्ट हाउस के संचालकों से भी निगरानी और सुरक्षा में सहयोग मांगा गया था।

पांच जुलाई साल 2005 को लश्कर-ए-तैयबा द्वारा यह हमला विवादित ढांचे को गिराकर देश में विवाद को बढ़ाने के लिए किया गया था। इस हमले के बाद पांचों आतंकियों डॉ इरफ़ान, आसिफ इकबाल उर्फ फारूक, शकील अहमद, मोहम्मद अजीज व मोहम्मद नसीम पर फैज़ाबाद की अदालत ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 353, 153, 153 A, 153 B, 295, 120 B के साथ ही 7 क्रिमिनल लाॅ अमेंडमेंट ऐक्ट, अनलॉफुल अमेंडमेंट ऐक्ट की धारा 16, 18, 19, 20 व पब्लिक प्रापर्टी डैमेज एक्ट की धाराओं में आरोप तय किए गए थे।

Summary
Review Date
Author Rating
51star1star1star1star1star
ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.