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आयोध्या फैंसले को मुस्लिम पक्ष देगा चुनौती: Ayodhya Verdict

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सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने शनिवार को अयोध्या (Ayodhya Land Dispute) मामले पर फैसला सुना दिया। मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले संतुष्ट नहीं हैं। जिलानी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हैं और फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करेंगे। दूसरी ओर, अयोध्या में मौजूद मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। इससे पहले आज पांच जजों ने सर्वसम्मति से आयोध्या विवाद(Ayodhya case) पर रंजन गोगोई (ranjan gogoi) की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है की मुस्लिम पक्ष सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन उपलब्‍ध कराई जाए। साथ ही विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भले ही अंतिम निर्णय माना जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी दोनों पक्षों के पास कानूनी विकल्प खुले होंगे.सुप्रीम कोर्ट में आज सुनाए गए फैसले के 30 दिन के भीतर पुनर्विचार याचिका मतलब रिव्यू पिटिशन दाखिल की जा सकती है. इसके बाद क्यूरेटिव पिटिशन भी दाखिल की जा सकती है. क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने के लिए भी 30 दिन का वक्त मिलता है. फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाली पार्टी को यह साबित करना होता है कि कोर्ट के फैसले में कहां त्रुटि है. पुनर्विचार याचिका के दौरान वकीलों की ओर से किसी भी तरह की जिरह नहीं की जाती. इसमें पहले दिए गए फैसले की फाइलों और रिकॉर्ड्स पर ही विचार किया जाता है.

-Mradul tripathi

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