कोर्ट में हुआ सिद्ध, मंदिर तोड़ हुआ था बाबरी मस्जिद का निर्माण!

0

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद (Ramjanmabhoomi-Babri Masjid) विवाद पर आज शीर्ष न्यायालय (Supreme court) में फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान यह दावा किया गया कि बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) का निर्माण राम भगवान के मंदिर को तोड़कर किया गया था। साथ ही इसके कई सबूत भी पेश किए गए, जिसके बाद यह कहा जा रहा है कि अयोध्या मे राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा।

भारत के खिलाफ संभलकर बोले इमरान : ट्रंप

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सर्वोच्च अदालत में हुई सुनवाई में यह साबित किया गया कि बाबरी मस्जिद पर संस्कृत में लिखा हुआ था और मुसलमानों को संस्कृत से कोई लेना देना नहीं था। रामलला के वकील के इस दावे पर जस्टिस बोबडे ने पूछा कि वो स्लैब कहां मिले थे? उन्होंने कहां से पता लगा कि स्लैब वहां से आ रही है? इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि क्या इस शिलालेख को भी लेकर चैलेंज किया गया है? इसके बाद पर सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि स्लैब पर उत्कीर्ण कंटेंट के अनुवाद या इस शिलालेख की प्रमाणिकता को चैलेंज नहीं किया गया है बल्कि सवाल इस पर उठाया गया है कि ये स्लैब विवादित जमीन से मिला है या नहीं। रामलला के बकिल ने पाञ्चजन्य के एक रिपोर्टर की रिपोर्ट पढ़ी, जिसमें बताया गया है कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया तो जो स्लैब वहां से गिर रही थीं, उनमें संस्कृत भाषा में कुछ लिखा हुआ था, जिसकी रिपोर्ट ने तस्वीरें भी ली थी, जिन्हें बाद में पुलिस ने जब्त कर लिया था।

इमरान ने किया मोदी से कश्मीर का सौदा

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा, “क्या से सब ASI के द्वारा इकट्ठा किया गया था?” इसके बाद वैद्यनाथन ने बताया कि ये ASI रिपोर्ट में नहीं था, ASI काफी बाद में आई। उन्होंने ASI रिपोर्ट का हवाला देते हुए मगरमच्छ, कछुओं का भी जिक्र किया और कहा कि इनका मुस्लिम कल्चर से मतलब नहीं था। 1114 AD से 1155 AD तक 12वीं शताब्दी में साकेत मंडल का राजा गोविंदचंद्र था, तब अयोध्या ही उसकी राजधानी हुआ करती थी। यहां विष्णु हरि का बहुत भव्य मंदिर था, पुरातत्वविदों ने इसकी पुष्टि भी की है, जिसे भी तोड़ दिया गया है। शीर्ष अदालत में हुई इस बहस के बाद सोशाल मीडिया पर कई लोगों ने फिर अयोध्या मे राम मंदिर बनेगा का नारा लगाना शुरू कर दिया है।

Rajiv Gandhi Birth Anniversary : राजीव गांधी जो कभी प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते थे

Share.