बाबा बनने से पहले यह करता था आसाराम

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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने दोषी करार दिया है| आसाराम के देश में बहुत से समर्थक हैं, जो उसे भगवान मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाबा बनने से पहले आसाराम का जीवन कैसा था? वह क्या करता था? दरअसल, आसाराम ने बाबा बनने से पहले चाय बेचकर और तांगा चलाकर अपने परिवार का पेट पाला है|

बंटवारे से पहले आसाराम का परिवार पाकिस्तान के जाम नवाज अली तहसील में रहता था, जो बंटवारे के बाद अहमदाबाद आकर बस गया| उसके पिता लकड़ी और कोयले बेचकर परिवार का पेट भरते थे| आसाराम का असली नाम आसुमल हरपलानी है| पिता की मृत्यु के बाद दो साल तक उसने रेलवे स्‍टेशन से दरगाह शरीफ तक तांगे से सवारी ढोई थी| इसके बाद उसने चाय भी बेची|

आसाराम जब एक बाबा की संगत में आया, उसके बाद से वह भी बाबा बन गया और लोगों को अपने जाल में फंसाने लगा| 15 वर्ष की उम्र में ही उसने घर छोड़ दिया था और गुजरात के भरुच में एक आश्रम में रहने लगा| 1960 के दशक में उसने लीलाशाह को अपना आध्यात्मिक गुरु बनाया| वर्ष 1973 में अहमदाबाद के मोटेरा गांव में आसाराम ने पहले आश्रम और ट्रस्ट की स्थापना की, उसके बाद देश और विदेश में कई आश्रम की स्थापना की गई|

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